शिक्षा जगत

वूमेन आर्किटेक्ट्स ऑफ द इंडियन कांस्टीट्यूशन : कंट्रीब्यूशन विजन एंड लिगसी पर केवीजीआइटी में सेमिनार

जयपुर, 7 मार्च। वैशाली नगर स्थित खण्डेलवाल वैश्य गर्ल्स इंस्टीट्यूटऑफ टेक्नोलॉजी (केवीजीआईटी) में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को आर.बी. डंगायच सभागार में सेमिनार का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर निष्ठा जसवाल वाइस चांसलर डाॅ. अंबेडकर लाॅ यूनिवर्सिटी, प्रोफेसर डाॅ. परमजीत एस जसवाल वाइस चांसलर एसआरएम यूनिवर्सिटी, नोएडा, शिखा शर्मा एडवोकेट, सचिव सार्थक संवाद संस्थान, एसकेवीईटी के फाउंडर प्रेसीडेंट सोहनलाल तांबी, वर्तमान सचिव एम एल गुप्ता, महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. अंजु गुप्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। सेमिनार का विषय वूमेन आर्किटेक्ट्स ऑफ द इंडियन कांस्टीट्यूशन कंट्रीब्यूशन विजन एंड लिगसी रहा, जिसमें भारतीय संविधान के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि प्रोफेसर निष्ठा जसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं बल्कि समानता, न्याय और स्वतंत्रता के आदर्शों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संविधान निर्माण में महिला सदस्यों ने सामाजिक न्याय, महिला अधिकारों और समान अवसरों के लिए महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जिनका प्रभाव आज भी भारतीय लोकतंत्र में दिखाई देता है। प्रोफेसर डॉ. परमजीत एस. जसवाल ने कहा कि संविधान सभा में शामिल महिलाओं ने दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करते हुए देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भी नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।कार्यक्रम में मौजूद शिखा शर्मा, एडवोकेट एवं सचिव सार्थक संवाद संस्थान जयपुर ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय संविधान ने महिलाओं को समान अधिकार प्रदान कर समाज में उनकी भागीदारी को सशक्त बनाया है। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आने का संदेश दिया। इस मौके पर श्री सोहनलाल तांबी ने उपस्थित अतिथियों को केवीजीआईटी काॅलेज के विकास या़त्रा को साझा किया। वहीं श्री एम एल गुप्ता ने बताया कि छात्राओं को उच्च स्तरीय शिक्षा सुविधाएं दिलाई जा रही है। संस्थान की प्राचार्य डॉ. अंजु गुप्ता ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों, संघर्ष और समाज के विकास में उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि केवीजीआईटी संस्थान छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को आगे बढ़ने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करते हैं।

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