अधिकमास समाप्त, 19 जून से शुरू होगा विवाह सीजन, 12 जुलाई तक 18 शुभ मुहूर्त
जयपुर, 15 जून । पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) की समाप्ति के साथ क्षेत्र में विवाह समारोहों का सीजन फिर शुरू होने जा रहा है। लंबे समय से मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हटने के बाद 19 जून से शुभ विवाह मुहूर्त प्रारंभ होंगे और घर-आंगन में एक बार फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। इससे विवाह से जुड़े विभिन्न कारोबारों में भी नई ऊर्जा का संचार हुआ है। आचार्य अवधेश दाधीच ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास को मलमास कहा जाता है। इस अवधि में विवाह सहित सभी शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। 15 जून को अधिकमास की समाप्ति के बाद अब 19 जून से शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। उन्होंने बताया कि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 19 जून से 12 जुलाई तक कुल 23 दिनों की अवधि में 18 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान ग्रह-नक्षत्रों और लग्न की स्थिति विवाह के लिए अनुकूल रहेगी। जून माह में 19 से 30 जून तक तथा जुलाई में 1, 2, 6, 7, 8, 11 और 12 जुलाई को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे। विवाह सीजन की आहट बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगी है। सराफा, कपड़ा, सजावट सामग्री, कैटरिंग, फोटोग्राफी, लाइटिंग और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े व्यवसायियों में उत्साह का माहौल है। शुभ मुहूर्त शुरू होते ही मांगलिक आयोजनों की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है। दाधीच ने बताया कि 25 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ होगा, जो 21 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन सहित अधिकांश मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। चातुर्मास समाप्त होने के बाद ही शुभ कार्यों का अगला दौर शुरू होगा।

