डाॅ. किरोडी लाल मीणा के पांचना बांध से पानी खुलवाने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त
प्रशासन ने ली राहत की सांस, पुलिस प्रशासन की रही चप्पे चप्पे रही नजर
गंगापुर सिटी, 24 जून। वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के खंडीप में पांचना बांध का पानी कमांड क्षेत्र की नहरों में छोड़े जाने की मांग को लेकर पिछले 20 दिनों से चल रही किसान महापंचायत बुधवार को कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। मंत्री ने 6 दिन में पानी नहरों में छोड़ने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहाकि तय समय में नहरों में पानी नहीं आया तो वे खुद बांध पर धरना देकर बैठेंगे। डाॅ. किरोडी लाल ने कहा कि किसानों व जवानों व महिलाओ के सम्मान में अगर डाक्टर को अपने प्राण भी देने पड़े तो वह हंसते हुए प्राण देने को भी तैयार है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने राजनीतिक जीवन में जनता के लिए इतने आंदोलन किए की उन पर 156 मुकदमे दर्ज है जो कि देश में किसी भी नेता के उपर नहीं है। मैंने पांचना बांध से पानी खुलवाने के लिए पहले भी आन्दोलन किया, पिलोदा में रैल रोकी उसका मुकदमा दर्ज हुआ और मुझे न्यायालय ने एक साल की सजा सुनाई। मैनें हमेशा किसानों, जवानों एवं महिलाओं का सम्मान किया है और मेरे शरीर का एक एक कतरा उनके लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के गृह राज मंत्री जवाहर सिंह बेढम भी पिछले 6 दिन से भाईचारे को कायम रखने के लिए रात दिन जुटे हुए है। डाक्टर ने कहा कि 2020 व 2022 में भी कोर्ट ने पांचना से पानी खोलने के आदेष दिए तब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत थे तब ये मांग क्यो नहीं उठाई गई। ये किसान से जुडा मुद्दा है इसलिए मैं यहां कांग्रेस भाजपा की बात नहीं करूंगा, केवल किसानों के हितों की बात करूंगा। क्योंकि किसान चोटी से एड़ी तक पसीना बहा कर खाद्यान पैदा करता है और देश की जनता का पेट पालता है। वहीं सीमा पर खड़ा जवान हमारे देश की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि आप 11 सदस्यी कमेटी का गठन करने का आह्वान करते हुए एक जुलाई तक पांचना से पानी खोलने का रास्ता साफ हो जाएगा। पानी सभी को मिले और हाईकोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन हो ये डाक्टर किरोडी लाल व मेरी सरकार की जिम्मेदारी है। इस के बाद संघर्ष समिति के द्वारा धरना समाप्त करने की घोषणा की। इस दौरान विधायक रामकेश मीना, घनश्याम मेहर, इन्द्रिरा मीना, लाखन सिंह कटकड, दौसा सांसद मुरारी लाल मीना, टोंक सवाईमाधोपुर सांसद हरीश मीना सहित संघर्ष समिति के सदस्य एवं हजारों की संख्या में महिला पुरूष आदि मौजूद रहे।

