राजस्थान पुलिस की ऐतिहासिक पहल, हाइटेक होगी बीट पुलिसिंग
जयपुर, 6 अक्टूबर। राजस्थान में बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह, जनोन्मुखी एवं तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D), गृह मंत्रालय, भारत सरकार के मध्य सोमवार को पुलिस मुख्यालय, जयपुर में महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू डीजीपी/आईजीपी कांफ्रेंस 2025 की सिफारिशों के अनुरूप बीट स्तर की पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए तैयार एक वर्षीय एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा और BPR&D के महानिदेशक श्री आलोक मित्तल की मौजूदगी में राजस्थान पुलिस की ओर से उप महानिरीक्षक (अपराध) श्री दीपक भार्गव और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की ओर से उप महानिरीक्षक, नेशनल पुलिस मिशन, BPR&D, डॉ.किरण कंग सिद्धू ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
पुलिसिंग में बीट ही बेसिक है : आलोक मित्तल
एमओयू पर हस्ताक्षर के पश्चात बीपीएंडआरडी के महानिदेशक श्री आलोक मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिसिंग में बीट ही बेसिक है। बीट पुलिसिंग की महत्ता को अनुभूत करते हुए डीजीपी/आईजीपी कांफ्रेंस 2025 की सिफारिशों में एक वर्षीय एक्शन प्लान तैयार करने के माननीय केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के निर्देशों की अनुपालना में गोवा के बाद राजस्थान पुलिस का यह दूसरा एमओयू है। उन्होंने कहा कि एमओयू के तहत बीपीएंडआरडी द्वारा राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। इस प्रकार के एमओयू से एक दूसरे राज्य की बेस्ट प्रेक्टिसेज से सीखने को मिलेगा। उन्होंने राजस्थान पुलिस के बीट क्लस्टर कांसेप्ट की भी सराहना की।
धरातल पर दिखेगा बदलाव : राजीव कुमार शर्मा
इससे पहले महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में बीट पुलिसिंग को पुलिस एवं आमजन के बीच सबसे महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु बताते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बीट पुलिसिंग के परंपरागत कार्यों से हटकर अब तकनीक के सहयोग से धरातल पर बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। उन्होंने चंडीगढ़ की बीट बुक प्रेक्टिस की सराहना की और इसे अपनाने की प्रतिबद्धता दिखाई। उन्होंने कहा कि यह एमओयू बीट पुलिसिंग को अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह, जनसहभागी, सूचना आधारित एवं तकनीक-सक्षम बनाने के साथ-साथ अपराध की रोकथाम, पुलिस-जन संवाद और स्थानीय स्तर पर पुलिस की प्रभावशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस दौरान उन्होंने नवीन विधिक संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान के प्रयासों के बारे में बताया और इसी प्रकार की उपलब्धियों के लिए टीम राजस्थान पुलिस को तैयार रहने की बात कही।
राजस्थान की बीट पुलिसिंग पर हुआ प्रस्तुतीकरण—
कार्यक्रम की शुरुआत में डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने डीजी बीपीएंडआरडी श्री आलोक मित्तल तथा डीआईजी डॉ.किरण कंग सिद्धू का डीआईजी राशि डोगरा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद महानिदेशक पुलिस, कानून एवं व्यवस्था, श्री संजय अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए राजस्थान पुलिस की बेस्ट प्रेक्टिसेज के बारे में जानकारी दी। उप महानिरीक्षक पुलिस, क्राइम ब्रांच, श्री दीपक भार्गव ने राजस्थान में वर्तमान बीट पुलिसिंग व्यवस्था एवं इसकी कार्यप्रणाली पर प्रस्तुतीकरण दिया।
इसके पश्चात उप महानिरीक्षक, नेशनल पुलिस मिशन, बीपीएंडआरडी की डॉ.किरण कंग सिद्धू ने बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए बीपीएंडआरडी की ओर से तैयार कार्ययोजना एवं सहयोग के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया।

