सरकारी स्कूल ने मारी बाजी: दाबड़िया विद्यालय का 100% रिजल्ट, छात्र-छात्राओं ने बढ़ाया मान
दाबड़िया। गांव स्थित शहीद मांगूराम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ने इस वर्ष शानदार शैक्षणिक उपलब्धि दर्ज करते हुए कक्षा 5, 8, 10 और 12 का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत दिया है। इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सरकारी विद्यालय भी उत्कृष्ट परिणाम देकर निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
विद्यालय प्राचार्य फारूक अली अंसारी ने बताया कि कक्षा 12 में कोमल ने 90.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया, जबकि हर्षिता वैष्णव 90.20 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। अन्य विद्यार्थियों में गणेश कुम्हार, पायल भाट, सुनीता मेघवाल, कोमल नायक, अनीशा चौधरी, विकेंद्र सिंह और सुजाता वैष्णव ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर बेहतरीन प्रदर्शन किया।
कक्षा 10 में प्रियंका मेघवाल ने टॉप किया। भावना, वैभव सिंह, आकांशा खर्रा और पूनम मेघवाल ने भी 70 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। कक्षा 8 और 5 के सभी विद्यार्थी भी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए, जो विद्यालय की मजबूत शैक्षणिक नींव को दर्शाता है।
छात्रा अनीशा मुंडेल बोलीं— शिक्षकों का सहयोग बना सफलता की कुंजी
छात्रा अनीशा मुंडेल ने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षक हर विषय को सरल और प्रभावी तरीके से समझाते हैं तथा कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देते हैं। नियमित टेस्ट और शंका समाधान कक्षाओं से पढ़ाई में काफी मदद मिलती है, जिससे अच्छे अंक लाना संभव हुआ। अनीशा ने कहा कि सरकारी विद्यालय का शैक्षणिक माहौल बेहद प्रेरणादायक है।

उपलब्धि के बाद विद्यालय में उत्सव जैसा माहौल रहा। टॉपर विद्यार्थियों का माला और साफा पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद पूरे गांव में डीजे के साथ विजय रैली निकाली गई, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
वार्ड पंच रामदेव खर्रा ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सरकारी विद्यालय के बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह परिणाम उनकी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है।
कार्यक्रम में उप प्राचार्य नेमीचंद सहित वरिष्ठ शिक्षक गणेश तालापा, राहुल खत्ती, प्रभात सिंह सामोता, जमील अहमद, अरविंद सिंह, देशराज मीणा, हमीर मल, नेहा, सुरेंद्र खर्रा और रूपा राम सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
विद्यालय की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बनी है। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इसी तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का संकल्प दोहराया।

