Dhanteras 2026: 84 साल बाद बन रहा शुक्र प्रदोष का दुर्लभ संयोग, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त और लक्ष्मी-कुबेर पूजा का समय
दीपोत्सव के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत इस वर्ष 6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस के साथ होगी। इस बार धनतेरस पर करीब 84 साल बाद शुक्र प्रदोष का विशेष ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है। शुक्रवार को धनतेरस और शुक्र प्रदोष का एक साथ होना ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। इस अवसर पर मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. ताराचंद शास्त्री के अनुसार, इस विशेष संयोग में पूजा-पाठ और खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि, आर्थिक स्थिरता और आरोग्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी परिवार में धन-धान्य और खुशहाली लेकर आती है।
धनतेरस पर क्यों की जाती है भगवान धन्वंतरि की पूजा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने की परंपरा है। उन्हें आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। इस दिन उनकी उपासना करने से परिवार में उत्तम स्वास्थ्य और निरोगी जीवन की कामना की जाती है।
वहीं, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा से घर में धन-धान्य, सुख-समृद्धि और आर्थिक संपन्नता आने की मान्यता है।
Dhanteras 2026 Shopping Muhurat: खरीदारी का शुभ समय
पं. ताराचंद शास्त्री के अनुसार, इस बार धनतेरस पर सोना-चांदी, पीतल के बर्तन, वाहन, भूमि और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना शुभ माना गया है। शुक्र ग्रह को भौतिक सुख-सुविधाओं और समृद्धि का कारक माना जाता है। ऐसे में शुक्रवार को धनतेरस और शुक्र प्रदोष का संयोग खरीदारी के लिए विशेष महत्व रखता है।
खरीदारी का शुभ मुहूर्त:
- शुरुआत: 6 नवंबर 2026, सुबह 10:30 बजे
- समापन: 7 नवंबर 2026, सुबह 6:37 बजे
इस अवधि में चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और तांबे-पीतल के बर्तन खरीदना विशेष शुभ माना गया है।
Dhanteras Puja Muhurat: लक्ष्मी-कुबेर पूजा का शुभ समय
धनतेरस पर प्रदोष काल और वृषभ लग्न को मां लक्ष्मी तथा भगवान कुबेर की पूजा के लिए विशेष महत्व दिया जाता है।
- प्रदोष काल: शाम 5:32 बजे से रात 8:09 बजे तक
- वृषभ लग्न: शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक
- मुख्य पूजा मुहूर्त: शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक
- पूजा की अवधि: 1 घंटा 55 मिनट
इस दौरान विधि-विधान से मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना करना शुभ माना गया है।
Dhanteras Yam Deepdan: यम दीपदान से दूर होता है अकाल मृत्यु का भय
धनतेरस की शाम भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा के साथ यमराज के निमित्त दीपदान करने की भी परंपरा है। इसे यम दीपदान कहा जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य द्वार पर और तुलसी के पौधे के समीप दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यम दीप जलाया जाता है। इसके लिए चौमुखा मिट्टी या आटे का दीपक लेकर उसमें सरसों का तेल डाला जाता है।
मान्यता है कि यम दीपदान करने से परिवार के सदस्यों पर अकाल मृत्यु का भय कम होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
Dhanteras 2026 Rashifal: राशि के अनुसार जानें क्या खरीदना रहेगा शुभ
धनतेरस पर राशि के अनुसार खरीदारी करने का भी विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग वस्तुओं की खरीदारी शुभ रह सकती है।
मेष राशि: राजयोग के प्रभाव से आर्थिक उन्नति के अवसर मिल सकते हैं। तांबे का कलश, बर्तन या सोने का सिक्का खरीदना शुभ रहेगा।
वृषभ राशि: राशि स्वामी शुक्र के मार्गी होने से भाग्य का साथ मिल सकता है। चांदी का सिक्का, आभूषण या घरेलू गैजेट खरीद सकते हैं।
मिथुन राशि: गुरु की शुभ स्थिति से पैतृक संपत्ति या परिवार से आर्थिक लाभ के योग हैं। पीतल-कांसे के बर्तन, किताबें या पेन खरीदना शुभ रहेगा।
कर्क राशि: आय अच्छी रहने के संकेत हैं, हालांकि बचत के लिए प्रयास करने पड़ सकते हैं। चांदी का सिक्का, चांदी के बर्तन या रसोई का सामान खरीद सकते हैं।
सिंह राशि: व्यापारियों को कारोबार विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। सोने के आभूषण, तांबे के बर्तन या इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना शुभ रहेगा।
कन्या राशि: लक्ष्मी-नारायण राजयोग के प्रभाव से करियर में तरक्की और आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं। कांसे के बर्तन खरीदना शुभ रहेगा।
तुला राशि: शनि के प्रभाव से पुराने निवेश या बाजार से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। चांदी का सिक्का या श्री यंत्र खरीदना शुभ रहेगा।
वृश्चिक राशि: आर्थिक मामलों में मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं। तांबे का लोटा, पूजा का कलश या कोई उपयोगी वस्तु खरीद सकते हैं।
धनु राशि: गुरु की अनुकूल स्थिति से निवेश के अवसर बन सकते हैं। सोने या पीतल की वस्तुएं तथा धार्मिक पुस्तकें खरीदना शुभ रहेगा।
मकर राशि: राजयोग के प्रभाव से आय में स्थिरता आने के संकेत हैं। स्टील के बर्तन, वाहन या टिकाऊ घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीद सकते हैं।
कुंभ राशि: आर्थिक स्थिति में सुधार के योग हैं। स्टील के नए बर्तन, चांदी की वस्तु या उपयोगी मशीनरी खरीदना शुभ रहेगा।
मीन राशि: वित्तीय फैसले लेते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। पीतल के बर्तन, सोने के आभूषण या धार्मिक सामग्री खरीदना शुभ रहेगा।
84 साल बाद बन रहा विशेष संयोग, धनतेरस पर शुभ खरीदारी की रहेगी परंपरा
इस बार धनतेरस पर शुक्रवार और शुक्र प्रदोष का संयोग धार्मिक एवं ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। ऐसे में श्रद्धालु भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना के साथ सोना-चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करेंगे। धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव का उल्लास शुरू हो जाएगा।

