जैनेंद्र ज्योति की छठी पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर, मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
संवाददाता | अभिषेक भूपेश झा
पटना। समाजसेवी-पत्रकार स्व. जैनेंद्र ज्योति की छठी पुण्यतिथि पर दरियापुर स्थित मां ब्लड सेंटर में रक्तदान शिविर और गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, खनन-भूतत्व एवं कला-संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी और विधान परिषद सदस्य सूर्य कुमार शर्मा उर्फ अरविंद शर्मा शामिल हुए। इस दौरान वक्ताओं ने जैनेंद्र ज्योति के रक्तदान और समाजसेवा के योगदान को याद किया।
सरकारी अस्पतालों में ब्लड उपलब्ध कराने पर सरकार लेगी कड़ा फैसला
‘दूसरे की रगों में जिंदा रहने का नाम रक्तदान’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए मां ब्लड सेंटर से रक्त मंगाने में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी अस्पतालों में जरूरतमंदों को रक्त देने में आनाकानी की शिकायतों को दूर करने की दिशा में सरकार कड़ा कदम उठाएगी।
29 साल की उम्र में 49 बार किया था रक्तदान
सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि जैनेंद्र ज्योति ने महज 29 वर्ष की उम्र में 49 बार रक्तदान किया। उनके निधन के बाद उनके समाजसेवा से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी सामने आई। मां ब्लड सेंटर ने उनके योगदान की स्मृति में एक कक्ष उनके नाम समर्पित किया है। हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर आयोजित करना उनके प्रति श्रद्धांजलि है।
विधान परिषद सदस्य सूर्य कुमार शर्मा उर्फ अरविंद शर्मा ने अपना संस्मरण साझा करते हुए कहा कि उनके रक्तदान से एक व्यक्ति का जीवन बचा था। उन्होंने बताया कि उम्र के कारण अब रक्तदान पर रोक है, लेकिन वह करीब 25 बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने जैनेंद्र ज्योति के कम उम्र में किए गए रक्तदान को प्रेरणादायक बताया।
कम समय में प्रेरक व्यक्तित्व बन गए जैनेंद्र ज्योति
दूसरे सत्र में कला-संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि कुछ लोग लंबा जीवन जीने के लिए नहीं, बल्कि कम समय में समाज के लिए प्रेरणा बन जाने के लिए आते हैं। जैनेंद्र ज्योति की स्मृति में हर वर्ष होने वाला रक्तदान इसका उदाहरण है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि कोरोना काल में रक्तदान और समाजसेवा करते हुए जैनेंद्र ज्योति ने अपनी जान गंवाई। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा है। मंत्री ने सक्रिय रक्तदाताओं और एसडीपी डोनर्स को सम्मानित भी किया।
46 लोगों ने किया रक्तदान
शिविर में समाचार लिखे जाने तक 46 लोग रक्तदान कर चुके थे। मां वैष्णो देवी सेवा समिति के सचिव संजय तोतला और कोषाध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि मां ब्लड सेंटर आम लोगों के सहयोग से शुरू किया गया ब्लड बैंक है, जो जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर जरूरतमंदों की मदद कर रहा है।
कार्यक्रम का संचालन मनीष बनेटिया और नरेश अग्रवाल ने किया। ‘ब्लड मैन’ के नाम से प्रसिद्ध मुकेश हिसारिया ने मां वैष्णो देवी सेवा समिति और मां ब्लड सेंटर के निर्माण में जैनेंद्र ज्योति के योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में कुमार जितेंद्र ज्योति, जीवन ज्योति, सरदार जगजीवन सिंह, सोनू खत्री, आलोक अग्रवाल, सज्जन चौधरी, टिट्टू, कन्हैया अग्रवाल, अमरेश अग्रवाल, किशन बंका, अमन कुमार, शंभु केशरी, पवन शर्मा, शैलेश महाजन, अरविंद कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।

