राजस्थान

कल सावन का प्रथम सोमवार, शिवालयों में गूंजेगी भोलेनाथ की आराधना

चार सोमवार, सावन शिवरात्रि और हरियाली अमावस्या के विशेष संयोग, 12 अगस्त के सूर्यग्रहण का भारत में नहीं रहेगा सूतक प्रभाव

जयपुर, 2 अगस्त । सावन मास के प्रथम सोमवार 3 अगस्त कल से क्षेत्र के शिवालयों में भगवान शिव की आराधना का विशेष उत्साह देखने को मिलेगा। 30 जुलाई से शुरू हुआ सावन मास 28 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक, पंचामृत स्नान, महाआरती और भजन-कीर्तन जैसे धार्मिक आयोजन होंगे। मंदिर समितियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं और श्रद्धालुओं में भी शिवभक्ति का माहौल बन गया है।

चार सोमवार और शिवरात्रि का विशेष महत्व: आचार्य अवधेश दाधीच ने बताया कि इस वर्ष सावन में 3, 10, 17 और 24 अगस्त को चार सोमवार पड़ेंगे। श्रद्धालु इन दिनों व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ का विशेष पूजन करेंगे। इसके अलावा सावन शिवरात्रि, हरियाली अमावस्या और नाग पंचमी जैसे प्रमुख पर्व भी शिव उपासना के महत्व को और बढ़ाएंगे।

हरियाली अमावस्या पर नहीं रहेगा सूतक: 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के दिन वर्ष का दूसरा सूर्यग्रहण लगेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा तथा मंदिरों में नियमित पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान पूर्ववत संचालित होंगे। इस दिन पितरों का तर्पण, दान-पुण्य तथा पीपल, बरगद, नीम और तुलसी का पौधारोपण विशेष फलदायी माना गया है।

28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ होगा सावन का समापन: आचार्य दाधीच के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त सुबह 9:09 बजे से 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इसी दिन सावन मास का समापन होगा और बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करेंगी। 

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