राजस्थान

जयपुर में 1-2 जुलाई को आयोजित होगा 29वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (एनसीईजी)

जयपुर, 28 जून। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के विशिष्ट सचिव एवं आयुक्त श्री हिमांशु गुप्ता ने आगामी 1 और 2 जुलाई को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित होने वाले ’29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन’ (एनसीईजी) की तैयारियों की रविवार को सम्मेलन स्थल पर व्यापक समीक्षा की। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और सम्मेलन के गरिमामयी व सफल आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात आयुक्त श्री हिमांशु गुप्ता ने भामाशाह टेक्नो हब में अधिकारियों की बैठक ली और ’29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन’ की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।

यह दो दिवसीय प्रतिष्ठित ई-गवर्नेंस राष्ट्रीय सम्मेलन प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), भारत सरकार तथा राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में नैस्कॉम तथा मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर नॉलेज पार्टनर हैं।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा करेंगे उद्घाटन

सम्मेलन का भव्य उद्घाटन बुधवार, 1 जुलाई को मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा करेंगे। उद्घाटन सत्र को सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ भी संबोधित करेंगे और राज्य में डिजिटल नवाचारों के रोडमैप को साझा करेंगे।

लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह करेंगे राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों का वितरण

सम्मेलन के दूसरे दिन, 2 जुलाई को समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करेंगे और उनके कर-कमलों द्वारा देश भर में ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विजेताओं को ‘राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026’ प्रदान किए जाएंगे।

“विकसित भारत 2047: एआई एनेबल्ड, डेटा ड्रिवन एंड सिक्योर डिजिटल गवर्नेन्स” मुख्य थीम

इस वर्ष दो दिवसीय सम्मेलन की मुख्य थीम “विकसित भारत 2047: एआई एनेबल्ड, डेटा ड्रिवन एंड सिक्योर डिजिटल गवर्नेन्स” रखी गई है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में केंद्र व राज्य सरकारों, उद्योग जगत और अकादमिक संस्थानों के बीच आपसी सहयोग को सुदृढ़ करना, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करना तथा विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए डिजिटल शासन के नवीनतम आयामों पर विचार-विमर्श करना है।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र होंगे आयोजित

सम्मेलन में डिजिटल शासन के विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं पर गहन मंथन के लिए 6 प्लेनरी सेशन और 6 ब्रेकआउट सेशन आयोजित किए जाएंगे-

सम्मेलन में ‘एआई बेस्ड गवर्नेन्स फॉर ऑल’, ‘ब्रिजिंग डिजिटल डिवाइड – वॉइस फर्स्ट सॉल्यूशंस इन इम्पोर्टेंट पब्लिक सर्विसेज’, ‘ड्राइविंग अर्बन— ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू टेक्नोलॉजी’, ‘एआई फॉर स्मार्ट पुलिसिंग एंड पब्लिक सेफ्टी’, ‘सिटिजन सेंट्रीक गवर्नेंस: इन्क्लुसिव गवर्नेंस’ और ‘डिजिटल इंटरवेंशंस टू एनहांस एक्सेस एंड क्वालिटी ऑफ स्कूल एजुकेशन’ विषयों पर प्लेनरी सेशन आयोजित होंगे। साथ ही 6 ब्रेकआउट सेशन भी आयोजित किए जाएंगे, जिनकी विषय ‘डीप टेक एंड क्वांटम ड्रिवन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’, ‘एआई एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर सिक्योर पब्लिक सर्विसेज’, ‘ग्रासरूट्स गवर्नेंस: डिजिटल डिसेंट्रलाइज्ड, डेटा-ड्रिवन’, ‘एक्सीलेंस इन ई-गवर्नेंस इनिशिएटिव्स बाय गोल्ड अवार्डीज़ ऑफ एनसीईजी 2026 – वन’, ‘एक्सीलेंस इन ई-गवर्नेंस इनिशिएटिव्स बाय गोल्ड अवार्डीज़ ऑफ एनसीईजी 2026 – टू’ और ‘एम्पावरिंग यूथ, एक्सेलरेटिंग इनोवेशन, ट्रांसफॉर्मिंग गवर्नेंस’ हैं।

इन सभी महत्वपूर्ण सत्रों में देश भर से केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, नीति निर्माता, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के विषय विशेषज्ञ व प्रोफेसर, उद्योग जगत के विशेषज्ञ तथा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार के गोल्ड अवार्ड विजेता विभिन्न प्रोजेक्ट्स के प्रतिनिधि शामिल होकर अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे।

यह सम्मेलन एआई, डीप टेक, क्वांटम कंप्यूटिंग, वॉइस फर्स्ट सॉल्यूशंस और सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से समावेशी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।

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