भारत

बिहार कैबिनेट के 13 बड़े फैसले: मधुबनी में उद्योग, भोजपुर में एक्वा पार्क और कैमूर में डेयरी प्लांट को मंजूरी

पटना, 3 जून। बिहार कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार ने स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग, कृषि और आधारभूत संरचना से जुड़े कई फैसले लिए हैं। सबसे बड़ा निर्णय मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा बढ़ाने का रहा, जिससे अब अधिक परिवारों को इलाज के लिए सरकारी सहायता मिल सकेगी।

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत इलाज के लिए निर्धारित वार्षिक आय सीमा को 2.50 लाख रुपए से बढ़ाकर 4 लाख रुपए कर दिया है। इस फैसले से गरीब और मध्यम वर्ग के लाखों मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज में राहत मिलेगी।

युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के लिए बिहार कौशल विकास मिशन के तहत 19 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर सरकार हर साल 2.24 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

दरभंगा एम्स के लिए मिट्टी भराई को मंजूरी

कैबिनेट ने दरभंगा में प्रस्तावित एम्स परिसर के लिए चयनित भूमि पर मिट्टी भराई और समतलीकरण कार्य को स्वीकृति दी है। इसके लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

मधुबनी में बढ़ेगा औद्योगिक निवेश

राज्य सरकार ने मधुबनी जिले में 83.25 करोड़ रुपए के निजी पूंजी निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

भोजपुर में बनेगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क

मत्स्य विभाग की पहल पर भोजपुर जिले में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी।

कैमूर में लगेगा नया डेयरी प्लांट

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैमूर जिले में नए दूध उत्पादन संयंत्र की स्थापना को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।

अन्य प्रमुख फैसले

  • बिहार बाल विकास सेवा भर्ती नियमावली-2026 को मंजूरी।
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के विस्तार को स्वीकृति।
  • प्रमंडलीय और जिला कार्यालयों में आधुनिक आईटी सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
  • रोजगार सृजन और कौशल विकास कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाएगा।

सरकार का दावा है कि इन फैसलों से स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *