1 मई से शुरू होगी जनगणना 2027 की स्वगणना प्रक्रिया, 16 मई से घर-घर पहुंचेगे प्रगणक, 16 मई से 14 जून तक होगा मकान सूचीकरण कार्य
स्वगणना चरण के तहत 1 मई से 15 मई तक नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं दर्ज कर सकेंगे अपनी जानकारी
जयपुर, 24 अप्रैल ।राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। इससे पूर्व 1 मई 2026 से स्वगणना चरण प्रारंभ होगा, जिसके अंतर्गत नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जिले के प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर टीना डाबी ने इस कार्य में आमजन से सक्रिय रूप से सहयोग का आह्वान किया है।
विकास योजनाओं का आधार है जनगणना
जिला कलक्टर ने कहा कि जनगणना राष्ट्र की महत्वपूर्ण और व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक से संबंधित सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्रित की जाती है। इन आंकड़ों के आधार पर केंद्र एवं राज्य सरकारें विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की योजना बनाती हैं।
ऑनलाइन पोर्टल पर 15-20 मिनट में पूरी होगी प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि 1 मई से 15 मई 2026 तक जिले में स्वगणना (सेल्फ इन्यूमरेशन) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस दौरान नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। यह वेब पोर्टल अंग्रेजी, हिंदी तथा 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। परिवार का कोई भी सदस्य लगभग 15 से 20 मिनट में प्रक्रिया पूरी कर स्वगणना पहचान संख्या अपने मोबाइल अथवा ई-मेल पर प्राप्त कर सकता है।
16 मई से घर-घर पहुंचेगे प्रगणक
इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक जनगणना कार्मिक (प्रगणक) घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक के भ्रमण के दौरान स्वगणना के विवरण की पुष्टि और अंतिम प्रस्तुतिकरण के लिए स्वगणना पहचान संख्या बताना आवश्यक होगा। जिला कलक्टर ने बताया कि एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णत: सुरक्षित एवं गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने जिले के प्रत्येक नागरिक, सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उल्लेखनीय है कि डिजिटल इंडिया के तहत जनगणना 2027 में डाटा संग्रहण और प्रसार की गुणवत्ता, दक्षता तथा समयबद्धता को मजबूत बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा तथा प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से डाटा संकलन किया जाएगा।

