मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी से अग्रसर
मजबूत डिजिटल एवं डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए की कई नीतिगत पहल
जयपुर, 02 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सूचना प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस सहित नए उभरते हुए क्षेत्रों में तेजी से अग्रसर हो रहा है। राज्य सरकार पिछले 2 वर्षों में एआई, बिग डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन, क्लाउड कम्प्यूटिंग, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, एक्सटेंडेड रिएलिटी जैसे क्षेत्रों के लिए बेहतर इकोसिस्टम तैयार करने के उद्देश्य से 4 नई नीतियां लेकर आई है। राजस्थान में मजबूत डिजिटल एवं डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए अब सरकार 4 से 6 जनवरी तक राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 का आयोजन करने जा रही है।
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन में योगदान देते हुए प्रदेश को आईटी-आईटीईएस हब बनाने के लिए लाई गई राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी-2025, राजस्थान AVGC-XR नीति-2024, राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 और राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी-2026 से प्रदेश में स्थानीय प्रतिभाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही अर्थव्यवस्था को और तेज गति मिलेगी।
विश्वस्तरीय डेटा सेंटर इकोसिस्टम होगा विकसित
आईटी क्षेत्र के जीसीसी का हब बन सकता है जयपुर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, बेहतर कनेक्टिविटी, उच्च गुणवत्ता के कॉमर्शियल स्पेस की उपलब्धता, कुशल आईटी प्रोफेशनल्स की उपलब्धता, कम स्थापना लागत और व्यवसाय अनुकूल वातावरण के कारण ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) की स्थापना हेतु आईटी-आईटीइएस क्षेत्र की बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए जयपुर एक आदर्श स्थान साबित हो सकता है। जीसीसी स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी-2025 लेकर आई है।
एनिमेशन फिल्मों, गेम्स एवं कॉमिक्स को मिलेगा अनुदान
एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्स्टेंडेड रिएलिटी के क्षेत्र में स्थानीय प्रतिभाओं एवं संसाधनों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार राजस्थान ।टळब्.ग्त् नीति-2024 लेकर आई है। इस नीति में राज्य में बनने वाली एनिमेशन फिल्मों, गेम्स एवं कॉमिक्स को उत्पादन अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। स्थानीय संस्कृति और सामग्री निर्माण पर ध्यान केन्द्रित करने वाले स्टार्ट अप्स व उद्यमों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अटल इनोवेशन स्टूडियो और एक्सेलेरेटर स्थापित किए जाएंगे। ये स्टूडियो कोडिंग, वीएफएक्स लैब एवं एडवांस्ड कम्प्यूटिंग सुविधाओं से लैस होंगे। इससे युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन भी मिलेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
ई-गवर्नेंस को विस्तार देगी एआई एमएल पॉलिसी
राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी-2026 प्रदेश को निवेश एवं नवाचार के उभरते केन्द्र के रूप में विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। सेवा प्रदायगी में सूचना प्रौद्योगिकी के महत्व को देखते हुए ई-गवर्नेंस के विस्तार को सुनिश्चित करने के लिए यह नीति लाई जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग का उत्तरदायी, नैतिक एवं सुरक्षित उपयोग हो तथा एआई के बेहतर उपयोग से पब्लिक सर्विस डिलिवरी को तेज, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाना इस नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं।
इस नीति के अंतर्गत एआई प्रणालियों में पक्षपात को कम करने, डेटा की सुरक्षा और निर्णय प्रक्रिया की स्पष्टता पर विशेष बल दिया गया है। नीति में एआई से जुड़े साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग एवं समाधान हेतु स्पष्ट प्रक्रियाओं का प्रावधान भी किया गया है। नीति के अन्तर्गत प्रदेश में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करना भी शामिल है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा आईटी क्षेत्र में की गई पहलों, डिजिटल गवर्नेंस से संबंधित सुधारों और नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता से आज राजस्थान तकनीकी प्रगति का नया अध्याय लिख रहा है। आईस्टार्ट राजस्थान के माध्यम से अब तक 7 हजार 200 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें एक हजार करोड़ से अधिक का निवेश आया है। इनमें 42 हजार 500 से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।

