देश की बेटियां आज हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं : ओम बिरला
जयपुर, 17 अगस्त। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि देश की बेटियां आज शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, सुरक्षा, खेल और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही हैं। हमें ऐसा संस्कारित समाज बनाना है, जहां बेटियां सुरक्षित रहें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी प्रतिभा के बल पर देश के विकास में योगदान दें। विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में देश की बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कोटा शहर पुलिस और ब्लू डॉट डॉयलॉग संस्था की ओर से आयोजित ‘महिला सुरक्षा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सुरक्षा संवाद 2.0’ में महिलाओं और छात्राओं से संवाद करते हुए बिरला ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। पुलिस और समाज के बीच बेहतर संवाद तथा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोटा को सुरक्षित और नशामुक्त शहर बनाना हमारा संकल्प है। कार्यक्रम के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने महिला सुरक्षा अभियान पर बनी डाक्यूमेंट्री फिल्म तथा साइबर एंड वीमेन सेफ्टी पर हैंडबुक का विमोचन भी किया।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए समाज की भागीदारी जरूरी—
बिरला ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं का पुलिस के साथ निरंतर संवाद बना रहना चाहिए। जागरूकता बढ़ने और समय पर जानकारी मिलने से अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक और सजग रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कोटा देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है, जहां अलग-अलग राज्यों से छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। ऐसे में शहर में सुरक्षित और परिवार जैसा वातावरण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कोटा में पढ़ने वाली देश के विभिन्न हिस्सों की बेटियों को सुरक्षित माहौल और अच्छी शिक्षा मिलना पूरे शहर के लिए गर्व की बात है।
हर पंचायत में स्थापित होंगी डिजिटल लाइब्रेरी—
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों की बेटियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के समान अवसर मिलें, इसके लिए कोटा-बून्दी की हर पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी। ऑनलाइन कोचिंग और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी बेहतर तैयारी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता के लिए दादी-नानी की डिजिटल पाठशाला और स्कूलों में बच्चों को प्रारंभिक स्तर से डिजिटल शिक्षा देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उद्देश्य है कि संसाधनों के अभाव में किसी बेटी की पढ़ाई और प्रतिभा पीछे न रह जाए।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व बहन-बेटियों की सुरक्षा के साथ सुरक्षित और संस्कारित समाज बनाने का संकल्प भी देता है। उन्होंने महिलाओं से नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की एकजुटता से ही सुरक्षित, संस्कारित और सशक्त वातावरण तैयार किया जा सकता है।
महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता – ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में नारी को शक्ति के रूप में सम्मान दिया गया है। आज महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता और संवाद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी तरह के दुर्व्यवहार या असहज स्थिति को नजरअंदाज न करें और इसकी तुरंत शिकायत करें। महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है तथा कार्यस्थल, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सुरक्षा संवाद एक सार्थक पहल – विधायक संदीप शर्मा
कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा आयोजित महिला सुरक्षा संवाद एक सार्थक पहल है। इसका उद्देश्य केवल महिला सुरक्षा पर चर्चा करना नहीं, बल्कि हर बेटी को सुरक्षित और हर महिला को सम्मान के साथ जीवन जीने का वातावरण देना है। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई और कहा कि अपराध होने के बाद कार्रवाई से अधिक जरूरी है कि अपराध को होने से रोका जाए।

