राजस्थान सरकार लघु उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध:भजनलाल
पाली, 04 अक्टूबर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लघु उद्योग का राष्ट्र निर्माण और रोजगार सृजन में काफी योगदान बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार लघु उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए हर कदम पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री शर्मा रविवार को पाली में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित उद्यमी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गांव, ढाणी और कस्बों में रहने वाले युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों को उनके स्थानीय क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने में लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने छोटे उद्यमियों, कारीगरों और व्यापारियों को नई ऊर्जा दी है। इसी का परिणाम है कि हमारे स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लघु उद्यमियों से आह्वान किया कि वे राजस्थान में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और कृषि उत्पादों पर आधारित प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए आगे आएं।
उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग के लिए आवश्यक जमीन, पानी और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार गंभीरता से काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा जल समझौता और किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना जैसे प्रमुख जल समझौतों के माध्यम से प्रदेश में पानी की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक काम हुआ है। वहीं, गंगनहर, सोम-कमला-अंबा सहित अन्य परियोजनाओं के माध्यम से भी सिंचाई एवं पेयजल की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी प्रकार राजस्थान में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत केवल पूंजी से नहीं, बल्कि उद्यमियों के परिश्रम, प्रतिभा और अटूट लगन से आगे बढ़ता है। राजस्थान की डबल इंजन सरकार निवेश, व्यापार और रोजगार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के सहमति पत्र में से नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। रीको द्वारा तीन हजार से अधिक सहमति पत्र धारकों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जबकि 800 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

