राजस्थान

आज से शुरू होगा नौतपा, 9 दिनों तक बरसेगा भीषण गर्मी का कहर

सूर्य देव 25 मई, सोमवार को दोपहर 3:36 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ नौतपा की शुरुआत मानी जाएगी। ज्योतिष शास्त्र एवं भारतीय पंचांग के अनुसार नौतपा के ये नौ दिन वर्ष के सबसे गर्म दिनों में गिने जाते हैं। इस दौरान सूर्य की तपिश अत्यधिक प्रभावशाली रहती है और तेज गर्मी, लू तथा प्रचंड धूप का असर देखने को मिलता है। मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक प्रभावी रहेगा। इन नौ दिनों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है तथा कई क्षेत्रों में गर्म हवाएं और लू का प्रकोप बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि ‘नौतपा’ का अर्थ नौ दिनों की तपन होता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहते हैं, तब उनकी किरणें धरती पर सीधे और अधिक प्रभाव के साथ पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। मौसम विज्ञान भी इस समय को वर्ष का सबसे गर्म दौर मानता है। पारंपरिक मान्यता है कि यदि नौतपा के दौरान अच्छी गर्मी पड़े तो आने वाला मानसून बेहतर होता है, इसलिए किसानों के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है। बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि नौतपा के दौरान प्रतिदिन सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ माना गया है। आदित्य हृदय स्तोत्र एवं गायत्री मंत्र का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा, आत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होने की मान्यता है। साथ ही घर में शांत और ठंडा वातावरण बनाए रखने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि इन दिनों शीतल वस्तुओं का दान विशेष फलदायी माना गया है। जरूरतमंद लोगों को पानी, छाता, खरबूजा, तरबूज, बेल का शरबत, सत्तू एवं वस्त्र दान करना पुण्यदायी माना जाता है। पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना भी शुभ बताया गया है। स्वास्थ्य की दृष्टि से नौतपा के दौरान शरीर में पानी की कमी होने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए अधिक पानी पीने, दोपहर की तेज धूप से बचने तथा हल्का भोजन करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है। साथ ही खाली पेट धूप में निकलने, अत्यधिक तले-भुने और मसालेदार भोजन से परहेज करने की सलाह भी दी गई है।

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