राजस्थान

युवा राष्ट्र निर्माण और भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए आगे आएं : पं. राजकुमार शर्मा

राष्ट्ररक्षा महायज्ञ की पूर्णाहुति, इंद्रदेव की बूंदों ने बढ़ाई श्रद्धा, कन्या पूजन, गुरु दक्षिणा और महाआरती के साथ हुआ समापन


निवाई, 24 मई। महाराष्ट्र के मालेगांव में 18 मई से 24 मई तक आयोजित सात दिवसीय मां बगलामुखी राष्ट्ररक्षा महायज्ञ अनुष्ठान का रविवार को कन्या पूजन, गुरु दक्षिणा, पूर्णाहुति और महाआरती के साथ समापन हुआ। आयोजन सद्गुरु आश्रम टोंक के संस्थापक गुरुदेव पंडित राजकुमार शर्मा के सानिध्य में संपन्न हुआ। विश्व कल्याण की कामना से आयोजित महायज्ञ के अंतिम दिन हल्की वर्षा ने श्रद्धालुओं की आस्था को और प्रगाढ़ कर दिया। श्रद्धालुओं ने इसे इंद्रदेव एवं मां बगलामुखी की कृपा बताया। सात दिनों तक चले आयोजन में प्रतिदिन वैदिक अनुष्ठान, आध्यात्मिक प्रवचन, भक्तिमय कार्यक्रम एवं ज्योतिषीय चर्चाएं आयोजित की गईं। महायज्ञ में महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की सुख-समृद्धि, सनातन धर्म की रक्षा एवं विश्व कल्याण की कामना की। पूर्णाहुति के अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की आहुतियों और मां बगलामुखी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कन्या पूजन रहा आकर्षण का केंद्र: कार्यक्रम में कन्या पूजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। गुरुदेव पंडित राजकुमार शर्मा एवं यजमानों ने कन्याओं का पूजन कर उन्हें देवी स्वरूप मानते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद विशाल महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दीपों की आभा और जयघोषों से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
युवाओं से राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान: समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भावुक होकर गुरुदेव पंडित राजकुमार शर्मा को विदाई दी। इस दौरान अपने उद्बोधन में उन्होंने राष्ट्रवाद, सनातन संस्कृति और युवा शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए युवाओं को राष्ट्रहित में समर्पित होकर कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।


भजनों से भक्तिमय बना माहौल: सद्गुरु आश्रम टोंक के व्यवस्थापक विष्णु साहू ने बताया कि महायज्ञ के अंतिम दिन भक्ति रस की धारा बही। भजन गायक निखिल और कमल सूर्या ने भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरा पंडाल जय मां बगलामुखी और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
गुरु दक्षिणा कार्यक्रम में हुआ सम्मान: राष्ट्ररक्षा महायज्ञ अनुष्ठान की पूर्णाहुति के अवसर पर गुरु दक्षिणा कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव से गुरुदेव पंडित राजकुमार शर्मा का सम्मान किया। श्रद्धालुओं ने आयोजन को राष्ट्र चेतना और आध्यात्मिक जागरण का महापर्व बताया। सात दिनों तक चले इस महायज्ञ ने समाज में राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कार और आध्यात्मिक एकता का संदेश भी दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *