आने वाली पीढ़ी को संस्कृति-संस्कारों से जोड़ना हमारा दायित्व: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 28 जून। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को बगरू के निमेड़ा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। इससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं और श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति हमें सन्मार्ग पर चलने, अच्छे कर्म करने तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने की शिक्षा देती है। भागवत कथा में सामाजिक जीवन, परिवार और समाज के प्रति प्रत्येक व्यक्ति के दायित्वों का विस्तृत वर्णन है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। इसका अनुसरण करने से परिवार में सुख, शांति और खुशहाली का वातावरण बनता है तथा समाज में सद्भाव और संस्कारों का विकास होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति प्रकृति को पूजनीय मानती है। हम नदियों, पर्वतों, वृक्षों और गौ माता की पूजा करते हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि आने वाली पीढ़ी को संस्कृति, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराना हम सभी का दायित्व है, ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री का साफा पहनाकर और गौ माता का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। इस दौरान विधायक कैलाश वर्मा, संगरिया धूणी से ओमदास जी महाराज एवं कथावाचक साध्वी सुभद्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

