राजस्थान

राजस्थान को देश का अग्रणी डिजिटल वित्तीय प्रशासनिक राज्य बनाने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य- मुख्य सचिव

जयपुर, 08 जून। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को वित्त भवन स्थित कोष एवं लेखा निदेशालय का निरीक्षण कर साइबर ट्रेजरी एवं ई-ट्रेजरी की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया तथा वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने वित्तीय प्रशासन को और अधिक पारदर्शी, दक्ष एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय प्रबंधन में डिजिटल क्रांति के माध्यम से सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा राजस्थान को देश के अग्रणी डिजिटल वित्तीय प्रशासनिक राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने साइबर ट्रेजरी एवं ई-ट्रेजरी के विभिन्न अनुभागों का अवलोकन करते हुए तकनीकी अवसंरचना, सेवा वितरण प्रणाली तथा ऑनलाइन भुगतान व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रशासन में तकनीक का बढ़ता उपयोग पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत कर रहा है। उन्होंने वर्ष 1999 के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय ट्रेजरी कार्यालयों में अधिकांश कार्य मैनुअल प्रक्रियाओं एवं फाइलों पर आधारित थे। वहीं, वर्तमान में राज्य का ट्रेजरी सिस्टम पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में विकसित हो चुका है, जो प्रशासनिक सुधारों का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि साइबर ट्रेजरी के सर्वर एवं तकनीकी प्रणालियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए । इससे भुगतान प्रक्रियाओं में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा। उन्होंने डेटा सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा उपायों को और अधिक मजबूत बनाने, नियमित ऑडिट एवं पेनेट्रेशन टेस्टिंग कराने तथा संवेदनशील वित्तीय आंकड़ों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने डीबीटी पेमेंट की रियल-टाइम ट्रैकिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि लाभार्थियों को समयबद्ध एवं निर्बाध भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

ई-ट्रेजरी की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि बिल प्रोसेसिंग से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या का त्वरित समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने जिला स्तरीय ट्रेजरी कार्यालयों को मुख्यालय से रियल-टाइम जोड़कर भुगतान प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, ई-ट्रेजरी प्रणाली पर कार्यरत कार्मिकों के लिए नियमित तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित करने तथा हेल्पडेस्क सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

 बैठक में मुख्य सचिव ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं को एसएनए स्पर्श पोर्टल पर शीघ्रता से ऑनबोर्ड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे योजनागत व्यय की निगरानी, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने जस्ट-इन-टाइम भुगतान प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करते हुए ट्रेजरी में प्राप्त होने वाले भुगतानों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन एवं पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए पीडी अकाउंट्स एवं विभिन्न सोसायटियों के माध्यम से किए जाने वाले भुगतानों को ट्रेजरी प्रणाली के माध्यम से संचालित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। इससे लेखा प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी तथा ऑडिट संबंधी आपत्तियों में कमी आएगी।

श्री वी. श्रीनिवास ने एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली आईएफएमएस 3.0 के शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीनस्थ लेखा सेवा के कार्मिकों के क्षमता संवर्धन के लिए चरणबद्ध मिड-कॅरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने तथा न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने को कहा। 

बैठक के दौरान अधिकारियों ने विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि आईएफएमएस 3.0 के अंतर्गत आधुनिक माइक्रोसर्विस आधारित तकनीक का उपयोग कर वेतन बिलों का स्वचालित सृजन किया जा रहा है। नवीन राजस्व प्रबंधन प्रणाली से अनेक विभाग एवं पोर्टल जुड़ चुके हैं। इससे नागरिकों को 24×7 ऑनलाइन भुगतान सुविधा उपलब्ध हो रही है। साइबर ट्रेजरी के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में बड़ी मात्रा में राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। इससे पारदर्शिता एवं दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मुख्य सचिव ने विभाग के कार्मिकों की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि टीम भावना, नवाचार एवं तकनीक आधारित प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। 

उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है और आने वाले समय में राज्य वित्तीय प्रबंधन एवं ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

बैठक में विशिष्ट शासन सचिव, वित्त (बजट), श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार, निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव, कोष एवं लेखा श्रीमती संध्या शर्मा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, आईएफएमएस श्री मनीष शुक्ला सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *