केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने राजस्थान टेक्सटाइल पॉलिसी की सराहना की, बोले- अन्य राज्य भी ऐसी नीति बनाएं
जयपुर, 9 जनवरी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने असम के गुवाहटी में राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों के सम्मेलन में राजस्थान सरकार की टेक्सटाइल पॉलिसी को आदर्श बताते हुए सभी राज्यों को इसी प्रकार अपने टेक्सटाइल उद्योग के विकास और निवेश के लिए रोडमैप तैयार करने की सलाह दी है। कार्यक्रम में उनको राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025 की प्रति दी गई, इसे गौर से पढ़कर इसमें दिलचस्पी दिखाई, सम्बन्धित लोगों से फीडबैक लिया और इस नीति की सराहना की।
इस दो-दिवसीय सम्मेलन में देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कपड़ा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी कपड़ा क्षेत्र के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए जुटे हैं। इसमें राजस्थान सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री श्री के.के. विश्नोई के नेतृत्व में शामिल हुआ है, जिसमें वरिष्ठ अतिरिक्त आयुक्त श्री एसएस शाह सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
वस्त्र मंत्रालय और राजस्थान के बीच एमओयू—
सम्मेलन में केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय ने राजस्थान सहित 15 राज्यों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। वस्त्र मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन “वस्त्र केंद्रित अनुसंधान, मूल्यांकन, निगरानी, योजना और स्टार्ट-अप (टेक्स-आरएएमपीएस)” योजना का हिस्सा हैं। केंद्र सरकार की यह योजना वस्त्र संबंधी सांख्यिकीय उत्पादों और अनुसंधान की व्यापकता, गुणवत्ता, समयबद्धता और विश्वसनीयता में सुधार लाने के लिए बनाई गई है। इन समझौता ज्ञापनों के माध्यम से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वस्त्र संबंधी डेटा प्रणालियों को सुदृढ़ करने के लिए एक मजबूत परिचालन ढांचा तैयार किया गया है। टेक्स-आरएएमपीएस योजना के तहत, यह पहल क्लस्टर और जिला स्तर पर सीधे प्रयास केंद्रित करके हथकरघा, हस्तशिल्प, परिधान, तकनीकी वस्त्र आदि सहित प्रमुख क्षेत्रों के लिए एकीकृत योजना को बढ़ावा देती है।
इन संरचनात्मक सुधारों में सहयोग देने के लिए वस्त्र मंत्रालय प्रत्येक राज्य को प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये का वित्तीय अनुदान प्रदान कर रहा है। इसमें प्रत्येक जिले के लिए प्रति वर्ष 1 लाख रुपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है, जिसका वितरण विशिष्ट जिला कार्य योजनाओं के विकास और कार्यान्वयन के आधार पर किया जाएगा।
उद्योग विभाग के लिए गर्व का क्षण— आयुक्त
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त श्री सुरेश कुमार ओला ने कहा कि राजस्थान के लिए यह गर्व का विषय है कि राष्ट्रीय स्तर पर उसकी नीतियों की सराहना की जा रही है और अन्य राज्यों को इस तरह की नीतियां बनाने का सुझाव दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025 सहित कई नई नीतियां लागू की गई हैं, जिनका भविष्य में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025
इस पॉलिसी में निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी शामिल किया गया है। प्राकृतिक एवं कृत्रिम फाइबर उत्पादन को बढ़ाने से लेकर तकनीकी टेक्सटाइल्स और वस्त्र विनिर्माण, हैण्डलूम, ऊन प्रसंस्करण, चमड़े के उत्पाद, फुटवियर जैसे संबंधित क्षेत्र भी इस नीति का हिस्सा हैं।
इस नीति के तहत वस्त्र और परिधान क्षेत्र के उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए 10 वर्षों तक 80 करोड़ रूपये वार्षिक तक का एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, भूमि/भवन क्रय या लीज पर स्टांप ड्यूटी व पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, बिजली उपभोग पर 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी छूट का प्रावधान किया गया है।
पर्यावरणीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस नीति में ग्रीन सॉल्यूशन इंसेंटिव के तहत 12.5 करोड़ रूपये तक 50 प्रतिशत, अक्षय ऊर्जा संयंत्रों के लिए बैंकिंग, व्हीलिंग व ट्रांसमिशन शुल्क का 100 प्रतिशत, पेटेंट/कॉपीराइट लागत का 50 प्रतिशत एवं भूमि रूपांतरण शुल्क का 100 प्रतिशत पुनर्भरण के प्रावधान किए गए हैं। इसी तरह निर्यात इकाइयों को फ्रेट चार्ज पर 25 प्रतिशत तथा कार्मिक प्रशिक्षण लागत का 50 प्रतिशत पुनर्भरण का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों का सम्मेलन—
केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय द्वारा आयोजित, यह सम्मेलन “भारत के वस्त्र: विकास, विरासत और नवाचार की बुनाई” विषय पर आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी संघवाद को मजबूत करना और भारत को वस्त्र, परिधान और तकनीकी वस्त्रों के लिए एक वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों को बढ़ावा देना है। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कपड़ा राज्य मंत्री श्री पवित्र मार्गेरिटा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

