टोंक की प्रियदर्शिनी खंगारोत का गुजरात न्यायिक सेवा में चयन
टोंक, 11 मार्च। जिले के लिए गर्व का विषय है कि सुश्री प्रियदर्शिनी खंगारोत का गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा में चयन हो गया है। उन्हें सिविल न्यायाधीश और न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर नियुक्ति मिली है। प्रियदर्शिनी खंगारोत, प्रताप सिंह खंगारोत की पुत्री हैं। उनका परिवार मूल रूप से टोंक जिले की मालपुरा तहसील के कुहाड़ा गांव का निवासी है। उनके पिता प्रताप सिंह खंगारोत वर्तमान में बार एसोसिएशन जयपुर के कार्यकारिणी सदस्य हैं, जबकि उनकी स्व. माता भी अधिवक्ता रह चुकी थीं। परिवार में न्यायिक सेवा की मजबूत परंपरा रही है। प्रियदर्शिनी के दादा अंशुमान सिंह खंगारोत भी न्यायिक सेवा से जुड़े रहे हैं। वहीं उनकी भाभी अंकिता चंद्रावत वर्तमान में भरतपुर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत हैं। प्रियदर्शिनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, जयपुर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से पांच वर्षीय एकीकृत लॉ कोर्स पूरा कर कानून की पढ़ाई की। कड़ी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, अधिवक्ताओं और क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है तथा सभी ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

