टोंक स्थापना दिवस हमारे शहर और पुरखों पर गर्व करने का मौका : चंद्रवीर सिंह चौहान
टोंक,24 दिसंबर। टोंक के 1080 वें स्थापना दिवस पर पुरानी टोंक स्थित गढ़ में विधिवत पूजा और आराधना के साथ आज टोंक महोत्सव का भव्य आगाज हुआ। जिसमें पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक मधुसूदन शर्मा, पूर्व सभापति लक्ष्मी देवी जैन, टोंक स्थापना महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंहल, सचिव गढ़ परिवार के हनुमान सिंह सोलंकी, मानवाधिकार संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष नीलिमा सिंह आमेरा, भाजपा जिला महामंत्री उमराव सिंह सोलंकी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनिंदर सिंह लोदी, पेंशनर समाज के अध्यक्ष हरवंश शर्मा, प्रहलाद नीमावत, गजराज सिंह, मुजीब आजाद, समाज सेवी पुलकित सिंहल उपस्थित रहे। टोंक महोत्सव समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने सभी शहर वासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि टोंक एक गौरवशाली शहर रहा है और इसका एक शानदार इतिहास है। महोत्सव के माध्यम से हम हमारी नई पीढी को हमारे इस इतिहास से परिचित कराने का काम बखूबी कर सकते हैं। चौहान ने टोंक महोत्सव समिति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि शहर का प्रत्येक नागरिक इसी तरह अपने शहर के प्रति जागरूक हो जाए तो विकास के लिए इस शहर को किसी का मूंह ताकना नही पड़ सकता। भाजपा जिलाध्यक्ष ने टोंक महोत्सव के प्रणेता हनुमान सिंहल का श्रद्धा से स्मरण करते हुए कहा कि सिंहल साहब ने टोंक का इतिहास लिखकर इस शहर के बेतरतीब इतिहास को क्रमबद्ध किया और साथ ही टोंक महोत्सव का आयोजन कर हमको अपनी जमीन से जुडऩे का और उस पर गर्व करने का मौका दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पर्यटन विभाग के निदेशक मधुसूदन शर्मा ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि टोंक प्रेम करने वालों का शहर है और यहां की परंपराए और इतिहास अपने आप में अनूठे हैं। सहायक निदेशक ने कहा कि यह शहर कई महत्वपूर्ण पडावों से गुजरा है और हर मुश्किल के बाद इसने कामयाबी की इबारत लिखी है। और इस इबारत को चिर स्थाई बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने करोड़ों का बजट खर्च किया है। पूर्व सभापति लक्ष्मी देवी ने इस अवसर पर कहा कि टोंक शहर की संस्कृति भाईचारे की संस्कृति है। हम सब लोग बरसों से एकता के सूत्र में बंधे है और हम जमाने को यह दिखाना चाहते है कि यदि हम सब एक हैं तो इसका कारण यह है कि हमारी बुनियाद प्रेम और निष्ठा पर टिकी है। नीलिमा सिंह आमेरा ने कहा कि किसी भी शहर की पहचान को पुख्ता करने के मकसद से महोत्सव मनाया जाता है और इसका स्वरूप कैसा भी हो मकसद यही होता है कि हम अपने शहर के प्रति जागरूक हों। भाजपा जिला मंत्री उमराव सिंह सोलंकी ने कहा कि टोंक महोत्सव से प्रत्येक नागरिक को जुडऩा चाहिए। यह यहां के हर नागरिक का महोत्सव है और हर नागरिक को इसमें अपनी भागीदारी करना चाहिए। टोंक महोत्सव समिति के प्रवीण सोलंकी ने टोंक स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब तक हम अपनी जमीन से भावनात्मक रूप से नही जुडेंगे तब तक यह शहर उँचाईयों के नए शिखरो का स्पर्श नही कर सकता। अंतर्राष्ट्रीय शायर जिया टोंकी ने अपने भाषण में कहा कि टोंक महोत्सव के प्रणेता हनुमान सिंहल साहब ने जीवन के विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम किए पर टोंक महोत्सव का आयोजन कर उन्होने ऐसा काम कर दिखाया है जिस पर आने वाली पीढिय़ां गर्व करेंगी। वरिष्ठ नागरिक हनुमान प्रसाद बोहरा ने कहा कि भविष्य में इस आयोजन से अधिकतम जनता को जोडऩे के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भी प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आयोजक हनुमान सिंह सोलंकी ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि टोंक महोत्सव के बहाने हम हमारे बुजुर्गो को भी याद कर लेते है जिनके दम से इस शहर के जनजीवन में रंग और आबोताब थी। सोलंकी ने कहा कि टोंक महोत्सव के माध्यम से नौजवान पीढी को अपनी गौरवशाली विरासत से परिचित होने का मौका मिलता है। उन्होने सभी अतिथियों का पधारने पर आभार प्रकट किया। रंगारंग महोत्सव का विद्वतापूर्ण और काव्यात्मक संचालन राष्ट्रीय कवि प्रदीप पंवार ने किया। उनकी भाषा में गद्य और पद्ध के अद्भुत सम्मिश्रण ने लोगों को अंत तक बांधे रखा। इसके पहले गणमान्य नागरिकों को माला व साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दुर्गाशंकर शर्मा, विजेंद्र सिंह सोलंकी, रणवीर सिंह राणावत, पार्षद रामचरण साहू, भूपेंद्र सिंह चौहान, डॉ. आशुतोष सनोरिया, पंकज शर्मा संदीप बोहरा, सुरेंद्र सिंह सोलंकी, कैलाशचंद शर्मा, अरविंद सिंह सोलंकी, विनायक जैन, बलवंत मराठा, बीएल वर्मा, सत्यनारायण विजयवर्गीय, हनुमान सिंह शेखावत, हेमराज सिंह सोलंकी, हरिसिंह सोलंकी, गिरिराज सिंहगौड़, सज्जन सिंह नरूका, निपुण सक्सेना, पहलाद निमावत, भंवर सिंह सोलंकी, कानसिंह राजावत, राजेंद्र सिंह सोलंकी, नवल सिंह सोलंकी आदि लोग उपस्थित थे।

