आबादी क्षेत्र में पहुंचा पैंथर, तीन जनों को किया घायल
एक की हालत गंभीर होने पर टोंक रेफर, जयपुर चिड़ियाघर से पहुंची टीम ने पांच घंटे बाद किया रेस्क्यू
टोंक, 20 जुलाई । कस्बे में सोमवार सुबह वन क्षेत्र से भटककर आबादी क्षेत्र में पैंथर की घुसपैठ की सूचना से हड़कम्प मच गया। पैंथर ने वन मित्र सहित तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सुबह करीब चार से पांच साल का नर लेपर्ड घनी आबादी क्षेत्र में घुस गया। करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जयपुर चिड़ियाघर से आई वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने पैंथर को ट्रेंकुलाइज कर बेहोश किया।
इससे पहले सुबह करीब छह बजे पैंथर सबसे पहले पीपली चौराहे के पास एक गोदाम में दिखाई दिया। लोगों की आवाजाही बढ़ने पर वह कोली मोहल्ले के एक पुराने खंडहर मकान में जाकर छिप गया। सूचना मिलने पर वन मित्र राकेश सैनी मौके पर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने पैंथर की मौजूदगी का पता लगाने के लिए पत्थर फेंका, उसने पीछे से उन पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ ने शोर मचाते हुए पत्थर फेंके, जिससे पैंथर वहां से निकलकर मकानों की छतों के रास्ते सड़क पार कर गया। सुबह करीब 8:40 बजे पैंथर गणपति प्लाजा के सामने स्थित जय श्री ओम बन्ना वाइंस की दुकान में घुस गया। उस समय दुकान में सफाई कर रहे सेल्समैन संजय गुर्जर पर उसने हमला कर दिया। संजय ने हिम्मत दिखाते हुए पैंथर को धक्का देकर खुद को बचाया और दुकान से बाहर निकल आए। इससे पहले दुकान के बाहर बैठे फतेह लाल कोली पर भी पैंथर ने झपट्टा मारकर उन्हें घसीटते हुए दुकान तक पहुंचा दिया। हमले में घायल राकेश सैनी, संजय गुर्जर और फतेह लाल को उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद राकेश सैनी और फतेह लाल को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल संजय गुर्जर को टोंक रेफर किया गया। घटना के दौरान शराब की दुकान खुली होने से कुछ लोग अंदर देखने चले गए, जहां आलमारी के पीछे दुबके पैंथर को देखकर वे तुरंत बाहर भागे और दुकान का शटर बंद कर दिया। बाद में अनुज्ञाधारी मनोज गुर्जर की मौजूदगी में दुकान के ताले काटकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। इस दौरान गणपति प्लाजा के सामने बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर वन विभाग के डीएफओ वीरेंद्र किशन, आरएफएस अनुराग महर्षि, रेंजर मोहनलाल सैनी, वनपाल सूर्यदेव, पुलिस उपाधीक्षक मालपुरा आशीष कुमार और थाना अधिकारी मुकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जयपुर जू से पहुंची रेस्क्यू टीम में वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार तंवर, सहायक वनपाल कृष्ण कुमार मीणा सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने ट्रेंकुलाइज करने से बेहोश हुए पैंथर को तुरंत पिंजरे में डाला। करीब पांच घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद वन विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार उच्च अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद इसे वन क्षेत्र में रिलीज कर दिया जाएगा।

