2030 तक बिहार में एक करोड़ रोजगार और नौकरी के अवसर सृजित करने का लक्ष्य : सम्राट चौधरी
मोतिहारी, 01 सितंबर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि सरकार वर्ष 2030 तक राज्य में एक करोड़ रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है और युवा पीढ़ी के सपनों के अनुरूप बिहार का निर्माण किया जाएगा। श्री चौधरी मोतिहारी के बापू सभागार में आयोजित किसान समृद्धि सम्मेलन एवं बुद्धिजीवी-समाजसेवी सम्मान समारोह-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार न्याय के साथ विकास के लिए संकल्पित है और विकास की रफ्तार को गांव से लेकर शहर तक पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने बिहार की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2005 में राज्य का बजट करीब 23 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर तीन लाख 70 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में विकास के साथ रोजगार और युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। युवा पीढ़ी के सपनों और आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मोतिहारी को वर्ष 2027 का सबसे बड़ा तारामंडल देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार अनिश्चित नीतियों और युद्ध की परिस्थितियों के कारण चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है, इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर हासिल की है।
श्री शेखावत ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और मांग में कमी जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारत की औद्योगिक विकास दर 8.5 प्रतिशत रही है। उन्होंने इसके लिए सरकार की नीतियों के साथ देशवासियों की सृजनशीलता और उद्यमशीलता को श्रेय दिया।
पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री एवं सांसद राधामोहन सिंह ने कहा कि देश ने अलग-अलग दौर की राजनीतिक व्यवस्थाओं को देखा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने भोगवादी व्यवस्था कायम कर रखी थी। हमने जंगल राज को भी देखा है। हमने नीतीश जी के सुशासन को भी जिया है और अब सम्राट चौधरी के एकात्मवाद को भी विस्तृत होता हुआ देख रहे हैं।
श्री सिंह ने कहा कि चंपारण की धरती ने देश को सत्याग्रह की चेतना दी और अब इसी धरती से ‘सत्याग्रह से विकासाग्रह’ की ओर बिहार ने करवट ली है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूर्वी चंपारण में औद्योगिक एवं संरचनात्मक संसाधनों के विस्तार के साथ युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाली योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा की ओर से बापू सभागार परिसर में तीन दिवसीय वृहद कृषि मेला भी आयोजित किया गया है। मेले में कृषि, आधुनिक तकनीक, उन्नत खेती और किसानों से संबंधित विभिन्न गतिविधियों को प्रदर्शित करने वाले दर्जनों स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
किसान समृद्धि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में किसान, बुद्धिजीवी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित थे।

