वंचित वर्ग कल्याण के लिए किरन क्रांति फाउंडेशन की सराहनीय पहल : तीन दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला लगाई
6 फरवरी, जयपुर। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में किरन क्रांति फाउंडेशन द्वारा तीन दिवसीय स्किल डेवलपमेंट कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में समाज की मुख्यधारा से वंचित वर्ग की महिलाओं, बच्चों एवं अनाथ आश्रम के बच्चों को विभिन्न हस्तकला कौशल सिखाए गए। प्रतिभागियों को मोल्डेट क्ले से जूलरी बनाना, कोस्टर डिजाइन करना तथा ब्लॉक प्रिंट एवं स्टेंसिल की सहायता से साड़ी, रुमाल एवं अन्य वस्त्रों पर आकर्षक डिजाइन तैयार करना सिखाया गया। संस्था की अध्यक्ष डॉ. किरन देवल ने बताया कि जो महिलाएं और बच्चे अब तक कचरा चुनने या सड़क निर्माण जैसे कार्यों में लगे हैं, यदि वे हाथ का हुनर सीख लेते हैं तो उनके लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में कला और कौशल की अपार संभावनाएं हैं, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने और प्रोत्साहित करने की है। यदि हम स्वदेशी हस्तनिर्मित वस्तुओं को बढ़ावा दें और पर्व-त्योहारों पर उनका उपयोग करें, तो यह न केवल इन परिवारों को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि सुदृढ़ भारत के निर्माण में भी सहायक होगा। फाउंडेशन द्वारा प्रत्येक वर्ष दीपावली पर इन महिलाओं और बच्चों से दीपक एवं सजावटी सामग्री तैयार करवाई जाती है। इन वस्तुओं की बिक्री से प्राप्त राशि से उनके त्योहार को खुशहाल बनाया जाता है। संस्था ‘अपनायत री पाठशाला’ के माध्यम से झुग्गी-झोपड़ियों के बच्चों को नियमित शिक्षा प्रदान करती है तथा उनके विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश भी सुनिश्चित करती है। साथ ही प्रतिदिन लगभग 150 बच्चों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में संस्था के 200 से अधिक बच्चे राजस्थान और अन्य राज्यों के विद्यालयों में अध्ययनरत हैं।

