राजस्थान

मौलिक कर्तव्यों का पालन कर बनें आदर्श नागरिक : अशोक कुमार गुप्ता

राज्य मानवाधिकार आयोग में शीतकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम का सफल समापन

जयपुर, 19 दिसंबर। राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में 1 दिसंबर से संचालित शीतकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन किया गया। समापन समारोह में आयोग के सदस्य श्री अशोक कुमार गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आयोग राज्य में मानव अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण निगरानी संस्था के रूप में कार्य करता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में प्रयासरत रहता है।

उन्होंने कहा कि जहां हम अपने मौलिक अधिकारों की बात करते हैं, वहीं आदर्श नागरिक बनने के लिए संविधान में उल्लिखित मौलिक कर्तव्यों का पालन करना भी समान रूप से आवश्यक है। श्री गुप्ता ने विद्यार्थियों के अनुशासन, सहभागिता और सीखने की इच्छा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

महानिरीक्षक पुलिस (राज्य मानवाधिकार आयोग) श्री हिंगलाजदान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी पेशे में सफल होने के लिए व्यक्ति का भावनात्मक रूप से सुदृढ़ होना और सही सोच व संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन और कार्यक्षेत्र में कानून का पालन करते हुए आदर्श आचरण अपनाएँ और सदाचार के मार्ग पर चलते हुए देश के उत्तम नागरिक बनें।

समापन कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने न्याय व्यवस्था और मानवाधिकारों से संबंधित समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने ‘मृत्युदंड मानव अधिकारों का उल्लंघन है या नहीं’, ‘समकालीन समय में यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स (UDHR) की प्रासंगिकता और प्रभावशीलता’ तथा ‘मानव अधिकार अधिनियम 1993 को 2019 में किए गए संशोधनों से किस हद तक अधिक प्रभावी बनाया गया है’—इन महत्वपूर्ण विषयों पर पक्ष और विपक्ष में तर्कपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम के अंत में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

उल्लेखनीय है कि इस इंटर्नशिप कार्यक्रम में राजस्थान सहित अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के कुल 35 विधि विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा महिला और बाल अधिकार, कमजोर वर्गों की सुरक्षा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, लैंगिक समानता, कारागृह प्रशासन, सुशासन, सूचना का अधिकार (RTI), फॉरेंसिक विज्ञान, आपराधिक न्याय प्रणाली, बौद्धिक संपदा अधिकार, संवैधानिक नैतिकता, LGBTQ+ समुदाय से संबंधित मुद्दे, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, आंबेडकर दर्शन, एंटी-डोपिंग, तथा वर्तमान समय की प्रासंगिकता को देखते हुए साइबर अपराध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विविध और महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान आयोजित किए गए।
समापन समारोह में रजिस्ट्रार श्री संजय कुमार, उप सचिव सुश्री प्रगति आसोपा,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. संध्या यादव, उप निरीक्षक श्री ओमप्रकाश, सहायक उप निरीक्षक श्री भोजराज, रीडर श्री सुरेश कुमार, निजी सहायक श्री गिरवर सिंह सहित सभी प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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