AI दौर में बच्चों के लिए जरूरी बनी Coding: 10 साल से पहले सीखने पर बढ़ती है लॉजिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल
जयपुर, 26 मई। आज के समय में हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई के साथ नई टेक्नोलॉजी भी सीखे और भविष्य के लिए तैयार बने। ऐसे में Coding बच्चों के लिए सबसे जरूरी स्किल्स में शामिल होती जा रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 10 साल की उम्र से पहले बच्चों को Coding सिखाना शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि इस उम्र में उनका दिमाग तेजी से विकसित होता है और नई चीजों को जल्दी सीखता है। Coding सिर्फ कंप्यूटर की भाषा समझना नहीं है, बल्कि यह बच्चों में Logical Thinking, Creativity और Problem Solving Skills विकसित करती है।
विशेषज्ञ विवेक प्रकाश के मुताबिक AI के दौर में Coding भविष्य की जरूरी स्किल बन चुकी है। छोटी उम्र में बच्चे Block-Based Coding के जरिए गेम और एनिमेशन बनाना सीख सकते हैं, जबकि बड़े होने पर Python, Web Development, Robotics और AI जैसी टेक्नोलॉजी सीखना शुरू करते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार 6 से 12 साल की उम्र बच्चों के दिमागी विकास का सबसे अहम समय होता है। इस दौरान Coding सीखने से पैटर्न पहचानने, तर्क क्षमता बढ़ाने और समस्याओं का समाधान निकालने की क्षमता मजबूत होती है। रिसर्च में भी सामने आया है कि छोटी उम्र में Coding सीखने वाले बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आगे चलकर अकादमिक व करियर में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि Coding सीखने वाले बच्चे सिर्फ टेक्नोलॉजी के यूजर नहीं रहते, बल्कि खुद Apps, Games और Websites बनाकर ‘Creator’ बनते हैं। World Economic Forum की Future of Jobs Report 2025 के अनुसार 2030 तक दुनिया में 17 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी, जिनमें AI और टेक्नोलॉजी सेक्टर सबसे तेजी से बढ़ेंगे। ऐसे में Coding आने वाले समय में बच्चों के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्किल साबित हो सकती है।

