राजस्थान

जिले के बच्चों के लिए बड़ा अवसर, अपने जिले की पहचान बनाएं

सवाई माधोपुर, 22 मार्च। डिजिटल बाल मेला 2026 का नया अभियान शुरू हो गया है। प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर से नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए राजस्थान स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय जयपुर बाल महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। पिंजरा पोल गोशाला में जयपुर बाल महोत्सव का आयोजन होगा। जिसमें राजस्थान के सभी इकतालीस जिलों से बच्चे भाग ले सकेंगे। फ्यूचर सोसाइटी के अध्यक्ष सुशील शर्मा ने बताया कि पोस्टर विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ज़रूरी है की बच्चे अपने जिले की उन बातों को प्रदेश के सामने लाए जो अभी तक अनजानी है। डिजिटल बाल मेला की संस्थापक जान्हवी शर्मा ने बताया की इस आयोजन का उद्देश्य बच्चो को अपनी जड़ों से जोड़ना, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना तथा विभिन्न जिलों की समृद्ध परंपराओं को समझने का अवसर प्रदान करना है। इस अनूठे आयोजन में राजस्थान के हर जिले की झांकी देखने को मिलेगी। बच्चे अपने जिले की विशेषताओं को प्रस्तुत करेंगे। बच्चों को वीडियो बनाकर यह बताना है कि उनका जिला क्यों खास है। भाग लेने वाले बच्चों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट digitalbaalmela.com या व्हाट्सप्प नंबर 8005915026 पर रजिस्ट्रेशन करना है। जिला स्तर पर भी इस अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि प्रत्येक जिले के बच्चे अपने स्थानीय इतिहास, पर्यटन स्थलों, लोक परंपराओं, नवाचारों और गुमनाम नायकों के बारे में जानकारी जुटा सकें और उसे रचनात्मक रूप से प्रस्तुत कर सकें। स्कूलों और अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को अपने जिले की विशेषताओं को समझने और साझा करने के लिए प्रेरित करें। जयपुर बाल महोत्सव के माध्यम से बच्चे राजस्थान के व्यंजन, हस्तशिल्प, लोक संगीत और गुमनाम हीरो को सामने ला सकते है। सब से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिले को 50 हजार रुपये का इनाम मिलेगा, वहीं हर जिले से विजेता 4 बच्चों को जयपुर भ्रमण कराया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *