बिहार देश का पहला राज्य जहां एक दिन में खोले गए 211 डिग्री कॉलेज
पटना, 14 सितंबर । बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने राज्य में एक दिन में 211 नए डिग्री कॉलेज खोलकर इतिहास रच दिया है। बिहार देश का पहला राज्य बन गया है जहां एक तिथि में इतने नए डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। इन नए डिग्री कॉलेजों को खोलने के साथ ही राज्य में अब अंगीभूत महाविद्यालों की संख्या बढ़कर 483 हो गई है। यह सरकार की एक बड़ी उपलब्धि बतायी जा रही है।
बिहार से झारखंड के अलग होने के बाद राज्य में अंगीभूत महाविद्यालयों की कुल संख्या 272 थी। अधिकतर अंगीभूत डिग्री कॉलेज जिला मुख्यालयों में थे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई करने के लिए घर से दूर जाना पड़ता था। इससे विद्यार्थियों को कॉलेज आने-जाने में काफी समय लगता था। घर से बाहर जाकर पढ़ाई करने के लिए किराये पर घर लेना पड़ता था। इससे उनके समक्ष आर्थिक कठिनाई भी उत्पन्न होती थी। खासकर छात्राओं को काफी परेशानी हो रही थी। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने प्रखंड स्तर तक स्नातक तक की पढ़ाई कराने का निर्णय लिया।
बताया जाता है कि राज्य में 534 प्रखंड है। इसमें 211 प्रखंडों में कोई महाविद्यालय नहीं थे। इसको लेकर राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के चौथे निश्चय ‘उन्नत शिक्षा उज्ज्वल भविष्य’ के तहत डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में नए महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्य सरकार ने एक ही दिन बिहार के डिग्री कॉलेज विहीन 211 प्रखंडों में नए सरकारी महाविद्यालय खोल दिया। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो बिहार देश का पहला राज्य है जहां एक साथ और एक दिन में 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेज खोले गए हैं।
बिहार के नव सृजित महाविद्यालयों में तत्काल 6 विषयों की पढ़ाई शुरू की गई है। आने वाले दिनों में इन कॉलजों में अन्य विषयों की भी पढ़ाई शुरू की जाएगी। उसके साथ ही उसमें अन्य सभी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे जगह नहीं जाना पड़े।
नव सृजित महाविद्यालयों में नियुक्त किये गए 100 शिक्षकों को राज्य सरकार बेहतर प्रशिक्षण के लिए लंदन के पास मौजूद ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय भेजेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पिछले दिनों पटना में आयोजित नव नियुक्त 2452 शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों का चयन करने का निर्देश उच्च शिक्षा विभाग को दी।

