राजस्थान

नवाचार और उद्यमिता को बताया विकसित भारत@2047 का आधार

भामाशाह टेक्नो हब में स्टार्टअप इंडिया के 10 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष कार्यक्रम

जयपुर, 19 जून। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) तथा राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT&C) के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर के भामाशाह टेक्नो हब में स्टार्टअप इंडिया पहल के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों, विशेषज्ञों, निवेशकों उद्योग प्रतिनिधियों तथा विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर स्टार्टअप इंडिया की उपलब्धियों, भविष्य की संभावनाओं तथा राजस्थान में नवाचार आधारित विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की गई।

स्टार्टअप इंडिया के 10 वर्ष : नवाचार की परिवर्तनकारी यात्रा —

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अतिरिक्त सचिव श्री अतीश कुमार सिंह ने ‘सरकार के 12 वर्ष एवं स्टार्टअप इंडिया पहल के 10 वर्ष’ विषय पर विशेष संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में देश में लगभग 400 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप थे, जबकि स्टार्टअप इंडिया के अन्तर्गत लागू किए गए नवाचारों और कार्यक्रमों से आज यह संख्या बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया ने देश में नवाचार, डिजिटलीकरण, उद्यमिता और रोजगार सृजन की नई संस्कृति विकसित की है तथा यह अभियान विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने पिछले एक दशक में स्टार्टअप इंडिया की परिवर्तनकारी यात्रा का उल्लेख करते हुए इस पहल के अंतर्गत प्राप्त महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए नवाचार एवं उद्यमिता आधारित विकास के अगले चरण की रूपरेखा प्रस्तुत की।

राजस्थान बना उभरता हुआ स्टार्टअप हब —

श्री सिंह ने राजस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में वर्तमान में 8,700 से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप संचालित हैं, जिन्होंने अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है तथा 47,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि राज्य के 3,000 से अधिक स्टार्टअप महिला उद्यमियों के नेतृत्व में संचालित हो रहे हैं, जो महिला सशक्तीकरण और समावेशी आर्थिक विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह राजस्थान की उपलब्धियों, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रति प्रदेश की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। भारत की नवाचार यात्रा के अगले दशक को आकार देने में राजस्थान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी।

ओएनडीसी से डिजिटल वाणिज्य को मिलेगा नया विस्तार —

कार्यक्रम में ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विभोर जैन ने विशेष सत्र को संबोधित करते हुए बताया कि स्टार्टअप्स और एमएसएमई ONDC के ओपन नेटवर्क आधारित बुनियादी ढाँचे का उपयोग कर नए ग्राहकों, नए बाजारों तथा व्यावसायिक अवसरों तक अपनी पहुँच का विस्तार कर सकते हैं। इस सत्र में महिला उद्यमियों, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) तथा स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए ‘अमेजिंग इंडिया’ पहल की जानकारी साझा की गई। साथ ही किराना स्टोर्स और जनरल ट्रेड रिटेलर्स के लिए डिजिदुकान के माध्यम से डिजिटल खरीद संबंधी प्रक्रियाओं और अवसरों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। उल्लेखनीय है कि डिजिदुकान ने हैदराबाद में 10,000 से अधिक रिटेलर्स तथा 35 से अधिक ब्रांड्स को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ा है। कंपनी ने 19 जून 2026 से अपने DigiVyapar प्लेटफॉर्म के माध्यम से जयपुर में भी सेवाओं का संचालन प्रारम्भ किया है।

श्री जैन ने कहा कि ONDC के माध्यम से उन बाधाओं और चुनौतियों को दूर करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिन्हें बाजार स्वयं प्रभावी रूप से हल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य साझा डिजिटल बुनियादी ढाँचा विकसित करना है, जिससे डिजिटल वाणिज्य सभी आकार के व्यवसायों के लिए अधिक सुलभ, किफायती और दक्ष बन सके। साथ ही स्टार्टअप्स, एमएसएमई तथा इकोसिस्टम नवप्रवर्तकों को इस नेटवर्क के साथ जोड़कर नवाचार को बढ़ावा देने और भारत में डिजिटल वाणिज्य के भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना हमारा ध्येय है।

स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने पर जोर —

कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों, इनक्यूबेटरों, निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद आयोजित किया गया। प्रतिभागियों ने वित्तीय सहायता, बाजार उपलब्धता, तकनीकी सहयोग, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने से संबंधित विषयों पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, प्रोत्साहन नीतियों तथा स्टार्टअप्स को उपलब्ध कराए जा रहे समर्थन तंत्र की जानकारी भी दी गई।

विकसित भारत@2047 के लक्ष्य में नवाचार की अहम भूमिका —

अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि नवाचार और उद्यमिता आर्थिक प्रगति के प्रमुख आधार हैं। स्टार्टअप इंडिया पहल ने युवाओं को रोजगार तलाशने वालों के बजाय रोजगार सृजक बनने की दिशा में प्रेरित किया है। कार्यक्रम में इस बात पर बल दिया गया कि प्रौद्योगिकी आधारित समाधान, अनुसंधान, डिजिटलीकरण तथा उद्यमशीलता के माध्यम से भारत को वैश्विक नवाचार शक्ति के रूप में स्थापित किया जा सकता है। साथ ही राजस्थान में नवाचार-अनुकूल वातावरण को और मजबूत बनाने तथा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम के आरंभ में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती रितिका पंड्या ने स्वागत संबोधन दिया।

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