राजस्थान

पंडित राजकुमार शर्मा के दिल्ली-नोएडा प्रवास में सनातन संस्कृति, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक जागरण पर मंथन

निवाई, 10 जून। सद्गुरु आश्रम टोंक के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य, सनातन धर्म प्रचारक एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक गुरुदेव पंडित राजकुमार शर्मा के तीन दिवसीय दिल्ली एवं नोएडा प्रवास के दौरान सनातन संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्र निर्माण तथा भारत को पुन: विश्व गुरु बनाने के संकल्प को लेकर अनेक महत्वपूर्ण बैठकें एवं संवाद आयोजित किए गए। प्रवास के दौरान पंडित राजकुमार शर्मा ने देश के सुविख्यात कथा वाचक मनु श्री महाराज रतनगढ़ वालों से भी भेंट की। दोनों के बीच सनातन धर्म के प्रचार-प्रसारए राष्ट्र निर्माण तथा समसामयिक सामाजिक विषयों पर विचार.विमर्श हुआ। प्रवास के दौरान पाण्डित राजकुमार शर्मा ने दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्रियों में  कानून एवं न्याय, श्रम , रोजगार , विकास , कला एवं संस्कृति , भाषा , पर्यटन विभाग के  कपिल मिश्रा, उद्योग, खाद्य एवं आपूर्ति , पर्यावरण , वन एवं वन्यजीव मजिन्दर सिंह सिरसा और  समाज कल्याण , अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण,  सहकारिता , चुनाव मंत्री रविन्द्र राजध्रविन्द्र इंद्राज सहित  विभिन्न सामाजिकए धार्मिक और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों से मुलाकात कर राष्ट्रहित एवं सांस्कृतिक जागरण के विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल एक धार्मिक परंपरा नहींए बल्कि सम्पूर्ण मानवता को ष्वसुधैव कुटुम्बकम्ष् का संदेश देने वाली जीवन शैली है। भारत की प्राचीन ऋषि परंपराए वेदों का ज्ञानए आध्यात्मिक चेतना और ज्योतिष विज्ञान आज भी विश्व को सही दिशा देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू संस्कृति की मूल भावना सेवाए समर्पणए सद्भाव और राष्ट्रभक्ति हैए जिसे प्रत्येक भारतीय को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।

कपिल मिश्रा के आवास पर हुई चर्चा : दिल्ली प्रवास के दौरान पंडित राजकुमार शर्मा ने कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा के आवास पर राष्ट्रहित, सनातन धर्म, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार.विमर्श किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यदि भारत को पुन: विश्व गुरु बनाना है तो देशवासियों को अपने गौरवशाली इतिहासए आध्यात्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि समाज का प्रत्येक वर्ग राष्ट्र रक्षाए राष्ट्र निर्माण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए एकजुट होकर कार्य करे। भारत की सनातन परंपरा सदैव विश्व कल्याणए मानवता और शांति की प्रेरणा देती रही है और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

आत्मनिर्भर भारत के लिए सामूहिक सहभागिता जरूरी: प्रवास के दौरान पंडित शर्मा ने प्रमुख उद्योगपति मनोज त्यागीए अर्जुन राजावत सहित अनेक गणमान्य नागरिकों से भेंट कर आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत के निर्माण में सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक चेतनाए नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति के समन्वय से ही विकसित एवं समृद्ध भारत का सपना साकार हो सकता है।

मीडिया से युवा पीढ़ी को जोडऩे का आह्वान: नोएडा एवं दिल्ली प्रवास के दौरान पंडित राजकुमार शर्मा ने विभिन्न मीडिया संस्थानों तथा संस्कार चैनल को दिए साक्षात्कारों में ज्योतिषए सनातन धर्मए भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक जागरण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मीडिया जगत से भी आग्रह किया कि वह युवा पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहासए महापुरुषों के आदर्शों और सनातन संस्कृति के मूल्यों से जोडऩे में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

सनातन संस्कृति संरक्षण को बताया प्राथमिकता: पंडित शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म का प्रचार.प्रसारए ज्योतिषीय ज्ञान के माध्यम से जनकल्याणए हिन्दू संस्कृति का संरक्षणए राष्ट्र रक्षा और राष्ट्र निर्माण उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब आध्यात्मिक मूल्योंए सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम का संगम होगाए तब भारत पुन: विश्व मंच पर ज्ञानए संस्कृतिए मानवता और विश्व कल्याण का अग्रदूत बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है और सनातन संस्कृति उसकी आत्मा। जब तक हम अपनी संस्कृतिए संस्कार और सभ्यता से जुड़े रहेंगेए तब तक भारत की पहचान विश्व में सदैव गौरवपूर्ण बनी रहेगी।

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