चौथ माता मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, फूल बंगला झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी पर हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, ट्रस्ट ने की विशेष व्यवस्थाएं
चौथ का बरवाड़ा, 3 जून। ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी के अवसर पर बुधवार को चौथ माता मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह मंगल आरती से लेकर शयन आरती तक हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ माता के दर्शन के लिए उमड़ी। दूर-दराज के गांवों और शहरों से पहुंचे भक्तों ने माता के जयकारों के साथ मंदिर में ढोक लगाकर परिवार, क्षेत्र और आने वाली फसलों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मंदिर श्री चौथ माता ट्रस्ट की ओर से आकर्षक फूल बंगला झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।दर्शनार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं : मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छाया, शीतल पेयजल और नि:शुल्क प्रसादी भंडारे की व्यवस्था की गई। मुख्य मंदिर में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित रही। गणेश बगीची में नि:शुल्क पंगत प्रसादी का आयोजन किया गया। वहीं विभिन्न भामाशाहों और समाजसेवियों ने भी जगह-जगह शीतल जल और भंडारों की सेवाएं प्रदान कीं। मंदिर परिसर पूरे दिन माता के जयकारों और वीर घंटों की ध्वनि से गुंजायमान रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु: पुजारी शंकरलाल सैनी ने बताया कि इस कृष्ण चतुर्थी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है और इस दिन माता के दर्शन से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। इस चतुर्थी का किसान वर्ग में विशेष महत्व माना जाता है। इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अपनी मनोकामना को लेकर हजारों माता के भक्त पैदल, कनक दंडवत और निजी वाहनों से मंदिर पहुंचे।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं में कमी: चौथ का बरवाड़ा-चौरू मार्ग पर हाथों में माता के ध्वज लिए श्रद्धालुओं के जत्थे जयकारों के साथ आगे बढ़ते नजर आए। इस सड़क मार्ग का निर्माण कार्य कई महिनों से अधूरा होने के कारण श्रद्धालुओं को कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ा। वहीं बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। अतिरिक्त रेल और बस सुविधाओं के अभाव में यात्रियों को नियमित सेवाओं पर ही निर्भर रहना पड़ा। एलसी-14 पर ट्रेन गुजरने के दौरान जाम की कई बार स्थिति बनी।ट्रस्ट मंत्री श्रीदास सिंह राजावत ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। ट्रस्ट हमेशा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने को लेकर प्रयासरत हैं। रात्रि 10:02 बजे चंद्रोदय के बाद श्रद्धालुओं ने अर्घ्य अर्पित कर अपना उपवास खोला।

