महिलाओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के लिए सदैव सजग रहना चाहिए : मजिस्ट्रेट अनुभा
विधिक शिविर में महिलाओं को किया जागरूक
टोंक, 6 मार्च । तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट टोड़ारायसिंह अनुभा सिंह की अध्यक्षता में सभागार भवन नगरपालिका टोड़ारायसिंह में तालुका विधिक सेवा समिति, उड़ान समूह और साहित्यक मंच द्वारा सयुक्त रूप से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीश अनुभा सिंह द्वारा आमजन एवं महिलाओं के कल्याण के संचालित की जा रही कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि सभी महिलाओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के लिए सदैव सजग रहना चाहिए। पूर्व में जब महिलाओं को कमत्तर माना जाता था तो देश और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका बहुत कम थी वर्तमान में आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी भागीदारी निभा रही है। जिससे यह साबित हो गया है कि महिलाओं को यदि सही शिक्षा और मार्गदर्शन मिल जाये तो महिलाऐं किसी भी क्षेत्र में अपनी अच्छी भूमिका निभा सकती है। इस अवसर पर उनके द्वारा नालसा द्वारा संचालित तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं योजना, आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण और प्रवर्तन के लिए विधिक सेवाऐं योजना, मानसिक रूप से बीमार और मानसिक रूप से विकलांग व्याक्तियों के लिये विधिक सेवाऐं आदि योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। विधिक जागरूकता शिविर के दौरान अपने उद्बोधन में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित नि:शुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर स्कीम-2011 एवं लोक अदालत, हैल्पलाईन के बारे में भी जानकारी दी गई। शिविर के दौरान शिवराज कुर्मी, संचालक साहित्यमंच टोड़ारायसिंह ने आमजन, बच्चों एवं महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने विभिन्न कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि सभ्य समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है कि समाज में महिलाओं का सम्मान हो तथा उनसे बराबरी का व्यवहार हो। इस अवसर पर पुष्पा शर्मा समन्वयक अजीज प्रेमजी फाउण्डेशन, उडान समूह टोड़ारायसिंह एवं शशि अधिवक्ता ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, लेकिन आज भी वह अनेक कुरीतियों का शिकार हैं जो कुरीतियां उसके आगे बढ़ने में बाधाएं उत्पन्न करती है। अत: हमें इस समस्या से निजात पाने की आवश्यकता है। इस सम्बन्ध में अपने निजी अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन, राजनीति व न्यायपालिका में भी महिलाओं की भागीदारी पिछले वर्षों में काफी बढ़ी है जो कि एक शुभ संकेत है कि महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में नाम रोशन कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उड़ान समूह की बच्चियों द्वारा समाज में व्याप्त लिंगभेद, बाल विवाह जैसी बुराई पर नाटक प्रस्तुत दी गई। शिविर समापन पर आशीष विजयवर्गीय, उड़ान समूह द्वारा उद्बोधन प्रदान कर धन्यवाद ज्ञापित किया गया। शिविर के दौरान अधिवक्ता रामा सैन, मनीषा सैनी, उडान समूह की बालिकाएं, आगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रही।

