टोंक की नई कलेक्टर टीना डाबी ने संभाला पदभार, जन समस्याओं के त्वरित समाधान पर रहेगा विशेष फोकस
टोंक। जिले को शुक्रवार को नई प्रशासनिक ऊर्जा मिली, जब भारतीय प्रशासनिक सेवा की चर्चित अधिकारी टीना डाबी ने जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में पदभार ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई।पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
पदभार संभालने के बाद कलेक्टर टीना डाबी ने अपने संबोधन में स्पष्ट संकेत दिए कि उनका प्रशासन पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित कार्यप्रणाली पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
राजस्थान संपर्क पर शिकायतों का त्वरित निस्तारण
कलेक्टर ने विशेष रूप से राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाले परिवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवाद को गंभीरता से लेते हुए उसका समाधान समय सीमा के भीतर किया जाए, ताकि आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो सके।
विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान पर फोकस
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/शहरी वार्ड अभियान’ के तहत टोंक जिले के समग्र विकास के लिए एक ठोस और प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके।
फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक
टीना डाबी ने गुड गवर्नेंस पर जोर देते हुए कहा कि सरकार की 25 फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।
विभागीय समन्वय से तेज होगा विकास
कलेक्टर ने कहा कि जिले के विकास के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसके लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि विकास कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जा सके और किसी भी प्रकार की बाधा को समय रहते दूर किया जा सके।
जनगणना कार्य को प्राथमिकता
उन्होंने आगामी जनगणना कार्य को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसे पूरी पारदर्शिता और दक्षता के साथ सम्पन्न कराया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक टीम को पूरी तरह से प्रशिक्षित और तैयार किया जाएगा, ताकि जनगणना का कार्य बिना किसी त्रुटि के सफलतापूर्वक पूरा हो सके।
पूर्व अनुभव से बढ़ी उम्मीदेंउल्लेखनीय है कि टीना डाबी इससे पूर्व जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इन जिलों में उनके कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक सुधार, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचारों के लिए उनकी सराहना की गई थी।
जनता में नई उम्मीद की किरण
टोंक जिले में उनकी नियुक्ति से आमजन में भी नई उम्मीद जगी है। लोगों को विश्वास है कि उनके अनुभव और कार्यशैली से जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी उनके पदभार ग्रहण पर स्वागत व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि जिले की लंबित समस्याओं का समाधान तेजी से होगा।
नई कार्य संस्कृति की ओर बढ़ता टोंक
टीना डाबी के नेतृत्व में टोंक जिला प्रशासन एक नई कार्यसंस्कृति और विकास की दिशा में आगे बढऩे को तैयार नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में उनके द्वारा बनाई गई योजनाएं और रणनीतियां जिले के विकास में किस प्रकार नई उपलब्धियां स्थापित करती हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन सौकरियां, सीईओ परशुराम धानका, एसडीएम टोंक हुक्मीचंद रोहलानिया, एसडीएम निवाई प्रीति मीना मौजूद रहें। उल्लेखनीय है कि टीना डाबी इससे पूर्व जैसलमेर एवं बाड़मेर जिले में जिला कलेक्टर के रुप में अपनी सेवाएं दे चुकी है।

