राजस्थान

भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण किया सांवरा सेठ ने , एकादशी को उमड़ा भक्तों का जनसैलाब

खाटूश्यामजी, 27 फरवरी। श्याम बाबा के वार्षिक लक्खी फाल्गुन मेला में शुक्रवार को एकादशी के दिन बाबा श्याम के भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा।देश के कोने कोने से लाखों श्याम भक्त बाबा श्याम के दर्शन करके मन्नत मांग रहे हैं।बाबा श्याम के सतरंगी फाल्गुन मेले में एकादशी के पावन अवसर पर सांवले सरकार के दर्शन किए।विश्व विख्यात खाटूधाम मे देश के कोने कोने से श्याम भक्त रींगस से खाटूश्यामजी पदयात्रा करते हुए बाबा के जयकारे लगाते हुए श्याम बाबा के दर्शन करने के लिए पहुंचे। भक्तजन नाचते गाते,गुलाल उड़ाते हुए खाटूधाम पहुंचे।बाबा श्याम के मनमोहक श्रृंगार के दर्शन कर परिवार को सुख समृद्धि की कामना की।खाटू नगरी का सबसे बड़े महोत्सव में देश के कोने कोने से श्याम श्रद्धालु आते हैं।जिससे विभिन्न प्रांतों की सांस्कृतिक विरासत भी दिखने को मिलती हैं।वहीं खाटूश्यामजी में विभिन्न प्रांतों से आने वाले भक्त एक दूसरे से मिलकर अपनी अपनी संस्कृति की भी चर्चा करते हैं।

चांदी के रथ पर बनड़ा सा बनकर नीले घोड़े पर सवार होकर नगर भ्रमण किया लखदातार ने-बाबा श्याम के वार्षिक महोत्सव का सबसे आकर्षण का केन्द्र बाबा श्याम की रथयात्रा शाही अंदाज में निकली।श्याम मंदिर परिसर से श्वेत घोड़ों से सजे रथ पर नीले घोड़े पर लाल कोट व पीले पजामी में सुनहरे मुकुट के कंलगी के साथ विराजमान होकर लखदातार नगर भ्रमण को निकले।इस दौरान रथ पर सवार सांवले सेठ की एक झलक पाने को तथा रथ को छूने की ललक के साथ रथ के साथ श्याम भक्त साथ साथ चलते रहे।बाबा श्याम के रथयात्रा में खजाना रूपी प्रसाद लेने की अभिलाषा भी भक्तों में देखी गई। रथयात्रा मंदिर परिसर से रवाना होकर मिश्रा मोहल्ले,सुनारो के मोहल्ले से अस्पताल चौराहा होते हुए पुराने बस स्टैंड से मंदिर परिसर पहुंची।इस दौरान मेला मजिस्ट्रेट मोनिका सामोर व थानाधिकारी पवन चौबे ने मय जाब्ता सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए‌।

 चांदी के रथ पर‌ विराजमान हुए लखदातार – फाल्गुनी शुक्ल एकादशी के अवसर पर निकला बाबा श्याम का शाही रथ चांदी का बना हुआ था।जीपनुमा रथ,जो कि करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बना हुआ था।उस पर नीले घोड़े पर हारे के सहारे विराजमान हुए। प्रशासन ने व्यवस्था बनाने के लिए मशक्कत की।भक्तों ने रथ के साथ ही रस्सी को भी छूने का प्रयास किया।इसके साथ ही जगह जगह रथयात्रा पर पुष्प वर्षा भी हुई।बाबा श्याम के रथयात्रा की खास बात यह रही कि जिस रास्ते से भगवान का रथ गुजरा,उन रास्तों को भी भक्तों ने दंडवत होकर नमन करते नजर आए।यहां तक रथयात्रा के बाद मिट्टी धूल भी भक्त अपने साथ ले जाते दिखाई दिए।

श्याम बाबा का किया अलौकिक श्रृंगार – बाबा श्याम के वार्षिक लक्खी मेलें में एकादशी पर बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार किया गया।श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शक्तिसिंह चौहान व मंत्री मानवेन्द्र सिंह चौहान व कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान ने बताया कि बाबा श्याम का एकादशी पर श्रृंगार किया।जिसमें लाल गुलाब,मोगरा,काजू,बिदाम,इलाईची,अंजीर केवड़ा,गेंदा सहित रंग बिरंगे फूलों से श्रृंगार किया गया। एकादशी का श्रृंगार आने वाले श्याम भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहा था।

आज चढ़ेगा सूरजगढ़ का निशान -सैंकड़ों वर्षों से चली आ रही परम्परा के अनुसार द्वादशी को बाबा श्याम के शिखर पर सूरजगढ़ का निशान चढेगा। गौरतलब है कि यह निशान वर्षप्रयंत शिखर बंध पर लहराता है तथा सूरजगढ़ का यह जत्था निशान लेकर पैदल ही आता है तथा पैदल ही जाता है।

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