आरपीएससीः समयबद्धता एवं नवाचारों से परिपूर्ण रहा वर्ष-2025, भर्ती परीक्षाओं, नियुक्तियों एवं अन्य प्रक्रियाओं में आई तेजी
जयपुर, 24 दिसंबर। राजस्थान लोक सेवा आयोग के लिए वर्ष 2025 समयबद्धता और नवाचारों का वर्ष रहा है। वर्ष 2025 के दौरान 13 हजार 408 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए गए, जबकि वर्ष 2024 में 9155 पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किए गए थे।
पारदर्शिता के साथ समय पर पूरी हुईं परीक्षाएं—
आयोग की उपलब्धियों के संबंध में आयोग अध्यक्ष श्री उत्कल रंजन साहू ने कहा कि परीक्षाओं का समयबद्ध आयोजन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस वर्ष परीक्षाओं के आयोजन, साक्षात्कार और अंतिम चयन प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है।
भर्ती परीक्षाओं में बढ़ती अनुपस्थिति और करोड़ों रुपये के अनावश्यक व्यय को रोकने के लिए राज्य सरकार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें आयोग ने सुझाव दिया है कि परीक्षाओं के लिए प्रत्येक आवेदन पर शुल्क लिया जाए और केवल परीक्षा में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों का ही शुल्क वापस किया जाए। प्रस्ताव के अनुसार, जो अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित होंगे, उनका शुल्क उनके द्वारा ओटीआर में दर्ज बैंक खाते में वापस कर दिया जाएगा। इसी प्रकार विभिन्न भर्ती नियमों में संशोधन हेतु भी आयोग द्वारा राज्य सरकार को सुझाव भी प्रेषित किए गए हैं ताकि भर्तियों में अनावश्यक वादकरण नहीं हो।
आयोग द्वारा 24 दिसंबर 2024 को ही आगामी वर्ष 2025 में आयोजित होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया गया था। इसके तहत 31 विभिन्न प्रकार की भर्तीयों के 162 प्रश्न-पत्रों की परीक्षाओं का आयोजन प्रस्तावित किया गया था। इस संदर्भ में यह हर्ष का विषय है कि उक्त अवधि के दौरान आयोग द्वारा यथासंभव निर्धारित कार्यक्रमानुसार ही परीक्षा एवं साक्षात्कार का आयोजन सुनिश्चित किया गया है।
लाखों अभ्यर्थियों की भागीदारी—
इस वित्तीय वर्ष में परीक्षा हेतु प्राप्त आवेदनों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। इन 9 माह में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के अन्तर्गत आयोग को लगभग 27.65 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि गत् पूरे वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 29.98 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे।
आयोग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के दौरान दिसंबर माह की अवधि तक विभिन्न भर्तियों के तहत 1,859 से अधिक पदों के लिए 6,382 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए जा चुके हैं, जबकि गत् वित्तीय वर्ष की संपूर्ण अवधि के दौरान 4171 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार का आयोजन आयोग द्वारा किया गया था।
साक्षात्कार प्रक्रिया में अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित करने हेतु आयोग द्वारा 24 सितंबर 2025 से साक्षात्कार प्रक्रिया में अभ्यर्थियों का सत्यापन बायोमेट्रिक के माध्यम से करना शुरू कर दिया गया है।
चयन और सिफारिशें—
आयोग द्वारा इस वित्तीय वर्ष के 9 महीनों के दौरान ही विभिन्न भर्तियों के अन्तर्गत 3402 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हेतु संस्तुतियां संबंधित विभागों को भेज दी गई हैं। आयोग केवल नई भर्तियों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के समयबद्ध प्रमोशन हेतु भी सक्रिय रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 431 विभागीय पदौन्नति समितियों की बैठकें आयोजित की गईं है एवं इन बैठकों के माध्यम से 24 हजार से अधिक कर्मचारियों/अधिकारियों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त किया गया।
बढ़ेंगी सुविधाएँः- नए ब्लॉक्स निर्माण के लिए 807 लाख रुपए स्वीकृत, जल्द शुरू होगा काम
राजस्थान लोक सेवा आयोग परिसर में बुनियादी ढाँचे को और अधिक सुदृढ़ करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। आयोग कार्यालय में प्रशासनिक और साक्षात्कार संबंधी कार्यों को सुगम बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं हेतु कुल 807.61 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य जल्द ही धरातल पर शुरू होने वाला है।
सीसीई ब्लॉक के विस्तार को मंजूरीः- इस ब्लॉक की तीसरी मंजिल के निर्माण के लिए 167.33 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस नई मंजिल के बनने से परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा। इस कार्य का सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कार्यादेश भी दिनांक 15 दिसंबर 2025 को जारी किया जा चुका है।
इंटरव्यू बोर्ड और स्टोर के लिए बनेगा नया ब्लॉकः- साक्षात्कार की प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए एक पृथक भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत इंटरव्यू बोर्ड हॉल्स एवं स्टोर भवन तैयार किया जाएगा। यह भवन भूतल के साथ-साथ तीन मंजिला होगा। सरकार ने इस कार्य के लिए 640.28 लाख रुपए के बजट को मंजूरी दे दी है। इस कार्य हेतु सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा निविदा कार्य प्रक्रियाधीन है।
आगामी चुनौतिया—
परीक्षा में कम उपस्थिति: आयोग द्वारा हाल ही में आयोजित परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों की उपस्थिति 35-40 प्रतिशत तक ही रही है। इसके निवारण हेतु आयोग द्वारा राज्य सरकार को परीक्षा आवेदन शुल्क पुनः प्रारंभ करने का आग्रह किया गया है, जिसे अभ्यर्थी के परीक्षा में उपस्थित होने पर रिफंड किया जा सकेगा।
अनावश्यक वादकरण:- कतिपय अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न भर्तीयों को अनावश्यक तौर पर विवादित करते हुए वादकरण कर दिए जाते हैं। इसके कारण परीक्षा प्रक्रिया पूर्ण करने में विलंब होता है। इसके लिए आयोग द्वारा विधि अनुभाग को सशक्त करने तथा प्रत्येक प्रकरण की सूक्ष्म मॉनिटरिंग करते हुए प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है।
फर्जी डिग्री एवं दस्तावेज:- प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद दस्तावेज सत्यापन के समय कुछ अभ्यर्थियों ने बैक डेट में बनी फर्जी डिग्रियां पेश कर आपराधिक कृत्य किया। इसके निवारण के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा प्रेषित पत्र के क्रम में राज्य के उच्च शिक्षा विभाग तथा तकनीकी शिक्षा विभाग ने समस्त राज्य वित्तपोषित और निजी विश्वविद्यालयों को स्टैंडर्ड एनरोलमेंट सिस्टम लागू करने एवं डिजिटल वेरीफिकेशन हेतु दस्तावेजों पर क्यूआर कोड अंकित करने के निर्देश प्रदान कर दिए हैं। इसी प्रकार कुछ अभ्यर्थियों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र तथा अन्तर विश्वविद्यालय स्पोर्टस इवेंट के प्रमाण-पत्र भी फर्जी पाये गए हैं, जिसके संबंध में आयोग द्वारा कानूनी कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में नियम संशोधन हेतु भी आयोग द्वारा राज्य सरकार को सुझाव प्रेषित किया गया है।

