किरन क्रान्ति फाउंडेशन की पहल: घुमंतू जाति की महिलाओं के लिए परिवार नियोजन की दिशा में 100 से अधिक नसबंदी ऑपरेशन संपन्न
18 दिसंबर, जयपुर । राजस्थान में घुमंतू जाति की महिलाओं को परिवार नियोजन और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की दिशा में किरन क्रान्ति फाउंडेशन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संस्था के प्रयासों से 100 से अधिक महिलाओं का नसबंदी ऑपरेशन राजस्थान सरकार द्वारा संचालित सखी क्लिनिक में सफलतापूर्वक करवाया गया। आगामी एक माह में यह संख्या और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
किरन क्रान्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. किरन देवल ने बताया कि घुमंतू समुदायों में आज भी परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता की भारी कमी है। कई परिवारों में 10 से 15 बच्चे होने के बावजूद किसी भी प्रकार का परिवार नियोजन नहीं अपनाया जाता, जिससे गरीबी, बेरोजगारी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और गंभीर हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत में बढ़ती जनसंख्या देश के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है, जिसे रोकने के लिए शिक्षा और जागरूकता सबसे अहम साधन हैं।
डॉ. देवल के अनुसार, फाउंडेशन पिछले तीन वर्षों से झुग्गियों और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले घुमंतू समुदायों के बीच लगातार कार्य कर रहा है। इस दौरान संस्था ने 500 से अधिक परिवारों का विश्वास जीता है। निरंतर संवाद, समझाइश और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से महिलाओं को परिवार नियोजन के लाभ समझाए गए, जिसके बाद उन्होंने स्वेच्छा से नसबंदी के लिए सहमति दी।
संस्था का कहना है कि यह अभियान केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक कदम है। आने वाले समय में यह मुहिम जन-जन तक पहुंचाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक परिवार स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें। डॉ. देवल ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जनसंख्या वृद्धि जैसी समस्याओं पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो भविष्य में देश को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

