सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसरों से सशक्त होंगे विशेष योग्यजन- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
सीएम भजनलाल बोले- हौसले के आगे शारीरिक सीमाएं बाधा नहीं, विशेष योग्यजनों को सम्मान और समान अवसर देना सरकार का संकल्प
जयपुर, 31 अक्टूबर। कोई शारीरिक चुनौती किसी के सपनों को रोक नहीं सकती, जरूरत है तो सिर्फ मजबूत हौसले और अवसरों की। विशेष योग्यजन युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसा राजस्थान बनाने के लिए काम कर रही है, जहां हर विशेष योग्यजन को सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसर मिलें। सरकार ने प्रदेश में 2.71 लाख UDID कार्ड जारी किए हैं, वहीं पिछले दो वर्षों में 44 हजार सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। करीब 5.50 लाख विशेष योग्यजनों को 1,350 रुपए मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है।
मुख्यमंत्री शनिवार को ‘सपनों की उड़ान-असंभव कुछ भी नहीं’ कार्यक्रम के तहत आयोजित विशेष योग्यजन युवा संवाद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ सरकार विशेष योग्यजनों के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है। युवाओं में ऊर्जा, नए विचार और कुछ कर गुजरने का जज्बा है। सरकार उनके सपनों को साकार करने में सारथी बनेगी।
समान अवसर नीति लागू, मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपए किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विशेष योग्यजनों के लिए समान अवसर नीति-2025 लागू की गई है। अनुजा निगम के माध्यम से विशेष योग्यजन सहित विभिन्न श्रेणियों के 7 हजार लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करवाया गया है। आवासीय संस्थानों में रहने वाले विशेष योग्यजनों का मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपए प्रतिमाह किया गया है। इसके अलावा पिछले वर्ष 2,500 स्कूटी और पिछले दो वर्षों में 44 हजार सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं।
410 से ज्यादा परीक्षाएं पूरी, 1.93 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की युवा नीति और रोजगार नीति का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। अब तक 410 से अधिक परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ संपन्न करवाई गई हैं। प्रदेश में 1.93 लाख पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1.18 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। निजी क्षेत्र में भी 5 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए गए हैं।
3.70 लाख युवाओं को स्किल ट्रेनिंग, 5 हजार से ज्यादा स्टार्टअप
युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण और स्टार्टअप पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में अब तक 3.70 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत 4 लाख लाभार्थियों को 1,643 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 5 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं और 65 आई-स्टार्ट लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं।
305 कॉलेजों में नशा मुक्ति केंद्र, 41 जिलों में खेल अकादमियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए 305 महाविद्यालयों में नई किरण नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू किए गए हैं। वहीं, 41 जिला मुख्यालयों पर एक जिला-एक खेल योजना के तहत खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम भी लागू की गई है।
पैरा खिलाड़ियों और डीआर मेहता का किया सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खेल जगत में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली विशेष योग्यजन खिलाड़ी मोना अग्रवाल, सृष्टि अरोड़ा और कृष्णा नागर को सम्मानित किया। विशेष योग्यजनों के सशक्तीकरण में योगदान के लिए पद्म भूषण डीआर मेहता का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने वन विभाग में नियुक्त पैरा खिलाड़ियों के स्थायीकरण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रशिक्षु IAS ने बताया आत्मविश्वास का महत्व
कार्यक्रम में दृष्टिबाधित प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी मनु गर्ग ने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी में आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत को सफलता का आधार बताया। पैरालंपिक पदक विजेता निशानेबाज मोना अग्रवाल ने अपने संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा किए। डीआर मेहता ने विशेष योग्यजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार और संस्थाओं के साझा प्रयासों पर जोर दिया। वीसी के माध्यम से उदयपुर की पैरा फेंसिंग खिलाड़ी सुनीता कुमारी और जैसलमेर के सामाजिक कार्यकर्ता सज्जन खां ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में विशेष योग्यजन युवा मौजूद रहे।

