एआई के उपयोग से सुशासन को मिल रही नई दिशा: मुख्य सचिव
जयपुर, 24 मार्च। मुख्य सचिव श्री. वी. श्रीनिवास ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से प्रदेश में सुशासन का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। राजकाज में बढ़ रहे एआई टूल्स के उपयोग से राज्य सरकार की आमजन के प्रति पारदर्शिता एवं जवाबदेही और अधिक सुदृढ़ हो रही है। उन्होंने कहा कि AI तकनीक के माध्यम से राज्य सरकार सेवाओं को तेज, सटीक और नागरिक-केंद्रित बना रही हैं। मुख्य सचिव मंगलवार को शासन सचिवालय में ‘रोल ऑफ़ आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) इन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ़ गवर्नेस’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हाल ही में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट ने देश में एआई के प्रभावी उपयोग को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि सीपीग्राम्स (CPGRAMS) एवं संपर्क पोर्टल के माध्यम से आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण में एआई तकनीक का उल्लेखनीय योगदान रहा है। एआई के उपयोग से इन प्लेटफॉर्म्स की पहुंच बढ़ी है तथा शिकायतों के डेटा का विश्लेषण अधिक सरल एवं सटीक हुआ है। इसके माध्यम से स्पैम एवं बार-बार अनावश्यक शिकायत करने वालों की पहचान संभव हो रही है, जिससे वास्तविक शिकायतों के समयबद्ध समाधान में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि एआई के जरिए डेटा का सूक्ष्म (granular) विश्लेषण संभव हुआ है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनी है।
उन्होंने प्रदेश के टोंक जिले में संचालित “पढ़ाई विद एआई” पहल की सराहना करते हुए कहा कि एआई के सही उपयोग से शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं। इस प्रकार के नवाचारों से शिक्षा को तकनीक के साथ जोड़कर गुणवत्ता में सुधार होगा तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस एआई आधारित व्यक्तिगत शिक्षण प्लेटफॉर्म के माध्यम से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कक्षा 10 के गणित विषय के विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुरूप प्रश्न अभ्यास, त्वरित समाधान एवं विस्तृत व्याख्या उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में 12 हजार से अधिक विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यशाला में हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक श्री राजेश यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मुख्य सचिव के निर्देशानुसार अधिकारियों को समय-समय पर इस प्रकार का तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे राजकीय कार्यों में एआई टूल्स के उपयोग के माध्यम से कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए वाधवानी सेंटर फॉर गवर्नमेंट डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के डीन श्री कमल दास ने “AI कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम” एवं “डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन इन राजस्थान” के उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटाइजेशन, डिजिटलाइजेशन एवं डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के विभिन्न आयामों की जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार डेटा के प्रभावी उपयोग से सरकारी कार्यप्रणाली में दक्षता एवं सुगमता लाई जा सकती है।
इस अवसर पर फैकल्टी सदस्य श्री अभय अग्रवाल ने एआई, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग एवं जनरेटिव एआई की मूलभूत अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग ट्रैफिक मैनेजमेंट, नगरीय विकास एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने बताया कि सिलिकोसिस जैसी बीमारियों की पहचान को सरल बनाया जा रहा है तथा “शिशु मापन एआई टूल” के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं को नवजात शिशुओं के वजन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो रही है।

