लोक अदालत व मध्यस्थत से समय और धन की बचत : न्यायाधीश अनुभा सिंह
टोंक, 10 मार्च। तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट टोड़ारायसिंह अनुभा सिंह की अध्यक्षता में बार एसोसिएशन कार्यालय में वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च एवं मीडियेशन फॉर दी नेशन 2.0 अभियान के सफल आयोजन के लिए अधिवक्ताओं के साथ मीटिंग आयोजित की गई। न्यायाधीश ने बताया कि 14 मार्च को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार पूरे राजस्थान में सभी जिलों में स्थित न्यायालयों में राजीनामा योग्य प्रकरणों का राजीनामे से निस्तारण के लिए लोक अदालत का आयोजन रखा गया है। लोक अदालत के माध्यम से वैवाहिक विवाद, बैंक अनादरण, राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, दुर्घटना दावा, वाणिज्यक विवाद, उपभोक्ता विवाद, घरेलू हिंसा, सेवा संबंधित प्रकरण, ऋण वसूली प्रकरण, विभाजन से संबंधित प्रकरण और अन्य सिविल प्रकरण जो राजीनामा योग्य है को लोक अदालत में रखवाया जा सकता है। राजीनामा की भावना से निस्तारित प्रकरण में किसी पक्षकारन का न जीत होती न ही हार होती है जिससे पक्षकारान में सौहार्द की भावना बनी रहती है। लोक अदालत व मध्यस्थत एक सरल प्रक्रिया जिससे समय और धन की बचत भी होती हैं। न्यायाधीश ने समस्त अधिवक्तागण को राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारान से वार्ता कर थोड़ी भी राजीनामा की सम्भावना होने पर प्रकरणों को लोक अदालत में रैफर करवाने के लिए प्रेरित किया गया। मीटिंग के दौरान न्यायाधीश ने बताया की राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा 3 माह का विशेष अभियान मीडियेशन फॉर दी नेशन 2.0 जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक चलाया जा रहा है। जिसके तहत न्यायालय द्वारा पक्षकारान अथवा अधिवक्तागण से विचार विमर्श कर उनके प्रकरणों को मध्यस्थता के लिए रैफर किया जा रहा हैं। उपस्थित अधिवक्तागण को अधिकाधिक प्रकरणों को मध्यस्थता के लिए रैफर करवाने और पक्षकारान को मध्यस्थ के समक्ष उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया गया। ताकि प्रकरण में दोनों पक्षकारान के मध्य आपसी सहमति से राजीनामा होकर प्रकरण का निस्तारण किया जा सके। मीटिंग के दौरान राकेश गांगवाल अध्यक्ष अभिभाषक संघ टोड़ारायसिंह सहित अधिवक्ता रामगोपाल नागर, भंवरलाल चौधरी, गोपाल लाल जाट, बलराम चौपडा, घनश्याम शर्मा, रामबाबू स्वामी, रामा सैनी, भानू प्रताप आदि उपस्थित रहे।

