शिक्षा जगत

दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ

6 फरवरी, जयपुर। खण्डेलवाल वैश्य गर्ल्स इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नॉलॉजी में शुक्रवार को दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस का उद् घाटन किया गया। कॉन्फ्रेंस की शुरूआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद् घाटन सत्र में मुख्य अतिथि और वक्ता प्रो. अनुराग शर्मा राजस्थान विश्वविद्यालय डीन एवं डायरेक्टर आरए पोदार इंस्टीटयूट जयपुर, डॉ. राकेश गुप्ता फार्मा एक्सपर्ट एवं शिक्षाविद, एम एल खण्डेलवाल एसकेवीईटी ट्रस्ट, कॉलेज प्राचार्या डाॅ. अंजु गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों के स्वागत के साथ की गई। प्रथम तकनीकी सत्र “आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला के रूप में ज्ञान प्रणालियां” विषय पर हुआ। वक्ताओं ने विचार साझा करते हुए भारतीय ज्ञान प्रणालियों की भूमिका को नवाचार, सतत विकास एवं सामाजिक आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा। इस सत्र में 16 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। द्वितीय तकनीकी सत्र में “भारतीय ज्ञान प्रणालियों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की पुनर्कल्पना” विषय पर आयोजित हुआ। जिसमें डॉ. विजयलक्ष्मी पारीक प्राचार्या पारीक महिला महाविद्यालय, गोविंद शरण एनएसएस डायरेक्टरेट, पी.पी. दुसाद एसकेवीईटी ट्रस्ट ने भारतीय दर्शन, पारंपरिक शिक्षा प्रणाली और स्वदेशी विकास मॉडल की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला तथा 14 शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सम्मेलन का प्रथम दिवस सार्थक विमर्श, विद्वत संवाद और सक्रिय सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। जिसने आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में भारतीय ज्ञान प्रणालियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए दूसरे दिवस के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया। अंत में प्राचार्या डॉ. अंजु गुप्ता ने सभी का धन्यवाद दिया।

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