कांग्रेस सरकार में विद्युत तंत्र रहा कुप्रबंधन का शिकार: भजनलाल
जयपुर, 23 अक्टूबर। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार की नीतियों के सफल क्रियान्वयन का ही परिणाम है कि राज्य में बिजली उत्पादन और सौर ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि कर कीर्तिमान स्थापित किए गए हैं जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में विद्युत तंत्र कुप्रबंधन का शिकार रहा और उपभोक्ता बिजली को तरसते रहे। श्री शर्मा ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के काम की तुलना करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, प्रदेश की अपार सौर ऊर्जा क्षमता का प्रभावी उपयोग करने और भविष्य की बढ़ती बिजली आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है और अपने 34 महीने के कार्यकाल में ही पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल के कार्यों को कई गुना पीछे छोड़ बड़े कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन और सौर ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि राज्य सरकार की नीतियों के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है। आज हमारी सरकार के समय प्रदेश में 26 जिलों में अन्नदाताओं को दिन के दो ब्लॉक मे बिजली मिल रही है। कस्बों से लेकर गांव-ढाणी तक गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय में विद्युत तंत्र कुप्रबंधन का शिकार रहा, डिस्कॉम्स घाटे में ही रहे और उपभोक्ता बिजली को तरसे।
प्रदेश में भाजपा की सरकार ने रोडमैप के तहत बिजली, पानी जैसी बुनियादी आवश्यकताओं पर प्रतिबद्ध होकर कार्य किया है। परिणामस्वरूप गत 34 महीनों के कार्यकाल में राज्य के उपयोग के लिए बिजली उत्पादन क्षमता में 10 हजार 920 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस के पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल में यह आंकड़ा 3 हजार 958 मेगावाट तक ही पहुंचा था। इस प्रकार भाजपा सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस की तुलना में पौने तीन गुना बिजली उत्पादन की वृद्धि दर्ज की गई है। अगर कांग्रेस सरकार के पहले 34 महीनों की तुलना की जाए तो भाजपा सरकार का आंकड़ा लगभग पांच गुना से अधिक है।
राजस्थान में सौर ऊर्जा की व्यापक संभावनाएं हैं। इन्हीं संभावनाओं पर कार्य करते हुए भाजपा सरकार स्वच्छ ऊर्जा को
बढ़ावा दे रही है और प्रदेशवासियों की ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है,
जिसके परिणामस्वरूप 34 माह के कार्यकाल में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28 हजार 303 मेगावाट की वृद्धि दर्ज हुई है। वहीं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पहले 34 माह में यह वृद्धि मात्र 3 हजार 985 मेगावाट और पूरे पांच वर्ष में 14878 मेगावाट
तक ही सीमित रही।
ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने, विद्युत प्रसारण नेटवर्क के विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और भाजपा सरकार के 34 महीनों के कार्यकाल में ही 400 केवी क्षमता के 2 ग्रिड सब-स्टेशन, 220 केवी क्षमता के 9 ग्रिड सब-स्टेशन, 132 केवी क्षमता के 51 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित हो चुके हैं जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पांच वर्ष के पूरे कार्यकाल में 400 केवी क्षमता का एक, 220 केवी के पांच तथा 132 केवी 38 ग्रिड सब-स्टेशन ही स्थापित हुए थे।
भाजपा सरकार के शासन में 33 केवी के 532 सब-स्टेशन स्थापित किए जा चुके है जबकि पूर्ववर्ती सरकार के 34 महीनों मे 33 केवी के मात्र 477 सब-स्टेशन ही स्थापित हो पाये थे।
पीएम कुसुम योजना में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है और इसके तहत राज्य में अब तक 5.57 गीगावॉट विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है जो कि देश में सर्वाधिक है। इस योजना से 3 लाख 78 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं, राजस्थान डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति इस सरकार के कार्यकाल में उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई है। अजमेर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 825 करोड रुपए एवं वर्ष 2025-26 में जयपुर डिस्कॉम ने 931 करोड़ रुपये का लाभ
अर्जित किया है।

